ग्वालियर जेल अधीक्षक को 50 हजार की रंगदारी के लिए धमकी: वॉट्सएप पर भेजे वीडियो, निलंबन का दिया डर
ग्वालियर जेल अधीक्षक विदित सिरवैया को मिली जान से मारने और नौकरी से निलंबन की धमकी। वीडियो वायरल करने की धमकी देकर मांगे 50 हजार। बहोड़ापुर थाने में शिकायत।
ग्वालियर। केंद्रीय जेल ग्वालियर के अधीक्षक विदित सिरवैया को अज्ञात व्यक्ति द्वारा वॉट्सएप के जरिए धमकाए जाने का मामला सामने आया है। आरोपी ने अधीक्षक को चार वीडियो भेजकर धमकी दी है कि यदि 50 हजार रुपये नहीं दिए गए, तो वह इन वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल कर देगा, जिससे उनका तबादला या निलंबन तक हो सकता है। अधीक्षक ने इस मामले की शिकायत एसएसपी धर्मवीर सिंह और बहोड़ापुर थाने में दर्ज कराई है।
📱 9179301601 नंबर से आया वॉट्सएप कॉल
जेल अधीक्षक विदित सिरवैया के अनुसार, 7 जून को दोपहर 12:40 बजे एक अनजान वॉट्सएप नंबर (9179301601) से कॉल आया। आरोपी ने उन्हें धमकाते हुए कहा कि जेल के अंदर के कुछ वीडियो उसके पास हैं, जिन्हें वायरल करने से उनकी नौकरी खतरे में पड़ सकती है। इसके बाद आरोपी ने लगातार अभद्र भाषा में मैसेज और चार वीडियो भेजे। एसएसपी ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर सेल को जांच के निर्देश दिए हैं क्योंकि कॉल इंटरनेट के जरिए की जा रही थी।
💰 पांच उंगलियों का इशारा: क्या है 50 हजार का खेल?
धमकी देने वाले ने जेल अधीक्षक से कहा कि वे किसी भरोसेमंद व्यक्ति को गांधी रोड स्थित रेस्ट हाउस भेजें और "कुछ" साथ में लेकर आएं। जब अधीक्षक ने स्पष्टीकरण मांगा, तो आरोपी ने हाथ की पांच उंगलियों का इमोजी भेजकर 50 हजार रुपये की मांग की। मैसेज में आरोपी ने अहंकारी भाषा का प्रयोग करते हुए लिखा, "तेरी अटकी है, तू मिलने आ।" वीडियो के बारे में अधीक्षक का कहना है कि उसमें रुपयों के लेन-देन और जेल के अंदर की गतिविधियां दिखाई गई हैं।
🕵️♂️ पूर्व बंदी और निलंबित आरक्षक पर शक
जेल अधीक्षक विदित सिरवैया ने अपनी शिकायत में निलंबित आरक्षक पवन कुमार शर्मा और पूर्व बंदी रिशपाल बघेल का नाम लिया है। गौरतलब है कि आरक्षक पवन शर्मा का पूर्व में एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें उसने जेल प्रबंधन पर नशा सप्लाई करने और प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए थे। वहीं बंदी रिशपाल बघेल ने भी जेल में बैरक बदलने के बदले रुपयों की मांग के आरोप लगाए थे।
⚖️ पुलिस कार्रवाई का इंतजार
खबर लिखे जाने तक इस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं हो सकी थी, हालांकि बहोड़ापुर थाने में आवेदन दे दिया गया है। पुलिस अब उन वीडियो और वॉट्सएप नंबर की तकनीकी जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या ये वीडियो वास्तविक हैं या ब्लैकमेलिंग का एक जरिया। अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि वे इस तरह की धमकियों से दबने वाले नहीं हैं और मामले में कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)