भोपाल में ट्रैफिक नियमों की धज्जियाँ: 5 महीनों में 27 हजार चालान, पुलिस ने वसूले 1.40 करोड़ रुपये
भोपाल में 2026 के शुरुआती 5 महीनों में यातायात नियमों के उल्लंघन के 27,152 मामले दर्ज। पुलिस ने वसूला 1.40 करोड़ रुपये का जुर्माना।
भोपाल। 'नवाबों के शहर' भोपाल में यातायात नियमों का पालन करने के मामले में वाहन चालकों की लापरवाही का एक नया रिकॉर्ड सामने आया है। वर्ष 2026 के शुरुआती पांच महीनों (जनवरी से मई) के भीतर वाहन चालकों ने 173 अलग-अलग तरीकों से यातायात नियमों को ताक पर रख दिया। भोपाल ट्रैफिक पुलिस द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, नियमों का उल्लंघन करने वाले 27,152 वाहन चालकों पर कार्रवाई करते हुए कुल 1 करोड़ 39 लाख 76 हजार 600 रुपये का जुर्माना वसूला गया है।
🪖 हेलमेट से 'परहेज' सबसे बड़ी लापरवाही
आंकड़े बताते हैं कि भोपाल के दोपहिया वाहन चालकों को सुरक्षा से ज्यादा लापरवाही पसंद है। पांच महीनों में की गई कुल कार्रवाई का 37 प्रतिशत हिस्सा सिर्फ बिना हेलमेट गाड़ी चलाने वालों का है। इस दौरान 10,143 लोग बिना हेलमेट पकड़े गए, जिनसे 30.42 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया है। इसके अलावा, सीट बेल्ट न लगाना, वाहनों पर ब्लैक फिल्म चढ़ाना और फैंसी नंबर प्लेट का उपयोग करना भी आम उल्लंघन रहा है।
🏍️ स्टंटबाजों और रफ़्तार के शौकीनों पर शिकंजा
शहर के युवाओं में रील बनाने और सड़कों पर स्टंटबाजी करने का चलन बढ़ता जा रहा है। महज पांच महीनों में 1,293 स्टंटबाज पुलिस के हत्थे चढ़े हैं, जिनसे 6.46 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया। चौंकाने वाली बात यह है कि स्टंटबाजों के 847 चालान अभी भी पेंडिंग हैं, जिसे लेकर पुलिस प्रशासन अब सख्त रुख अपना रहा है।
📊 यातायात उल्लंघन का डेटा (जनवरी - मई 2026)
| उल्लंघन का प्रकार | कुल चालान | जुर्माना राशि (₹) | पेंडिंग मामले | कोर्ट में लंबित |
| बिना हेलमेट | 10,143 | 30,42,900 | 949 | 373 |
| सीट बेल्ट न लगाना | 2,056 | 10,28,000 | 192 | 101 |
| फैंसी नंबर प्लेट | 1,357 | 6,78,500 | 130 | 78 |
| ओवरस्पीडिंग | 1,323 | 1,32,300 | 790 | 510 |
| स्टंटबाजी | 1,293 | 6,46,500 | 847 | 419 |
| गलत पार्किंग | 866 | 4,33,000 | 524 | 336 |
| ब्लैक फिल्म | 777 | 3,88,500 | 89 | 56 |
| कुल योग | 27,152 | 1,39,76,600 | 6,519 | 3,447 |
👮 पुलिस की दो टूक: 'सुधरिए, वरना होगी सख्त कार्रवाई'
ट्रैफिक पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि शहर के प्रमुख चौराहों और शिक्षण संस्थानों पर निरंतर जागरूकता अभियान चलाने के बाद भी लोग सुधरने को तैयार नहीं हैं। फिलहाल, जिन 6,519 लोगों ने चालान की राशि जमा नहीं की है और जिनके मामले कोर्ट में लंबित हैं, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई तेज की जा रही है। पुलिस ने साफ किया है कि सुरक्षा नियमों का पालन सिर्फ चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि खुद की और अपने परिवार की जान बचाने के लिए अनिवार्य है।
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