Monsoon at Kanha: मानसून के चलते कान्हा नेशनल पार्क की कोर सफारी पर विराम; बफर जोन में रहेगा पर्यटकों का जमावड़ा
30 जून से कान्हा नेशनल पार्क का कोर जोन पर्यटकों के लिए बंद। मानसून में बफर जोन रहेगा चालू। जानें पर्यटकों की संख्या और पार्क से जुड़ी जरूरी अपडेट्स।
मंडला। विश्व प्रसिद्ध कान्हा नेशनल पार्क में मानसून के आगमन के साथ ही पर्यटन पर विराम लगने जा रहा है। 30 जून से कान्हा के कोर जोन (खटिया, मुक्की और सरही गेट) में पर्यटकों के लिए जंगल सफारी बंद कर दी जाएगी। हालांकि, वन्यजीव प्रेमियों के लिए राहत की बात यह है कि इस दौरान बफर जोन की सफारी यथावत चालू रहेगी, जहाँ पर्यटक मानसून के दौरान भी वन्य जीवों का दीदार कर सकेंगे। पार्क के कोर जोन की दोबारा शुरुआत 1 अक्टूबर 2026 से होगी।
📊 पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि
बीते साल की तुलना में इस वर्ष कान्हा नेशनल पार्क में पर्यटकों की संख्या में बड़ा इजाफा देखा गया है। आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष करीब 2 लाख 70 हजार 565 भारतीय पर्यटकों ने पार्क का भ्रमण किया, जबकि विदेशी पर्यटकों की संख्या भी 23 हजार से अधिक रही। नाइट सफारी पर लगी रोक के बाद कोर और बफर जोन में पर्यटकों का दबाव और उत्साह दोनों बढ़ा है।
🐘 मानसून गश्ती और वन्यजीवों की सुरक्षा
पार्क बंद होने की अवधि के दौरान कान्हा प्रबंधन की जिम्मेदारियां दोगुनी हो जाती हैं। इस दौरान पार्क प्रशासन मानसून गश्ती (Monsoon Patrolling) करता है, जिसमें हाथियों, वाहनों और पैदल गश्ती के जरिए वन्यजीवों के स्वास्थ्य और सुरक्षा की निगरानी की जाती है। कान्हा नेशनल पार्क के उप संचालक प्रकाश वर्मा ने बताया कि मानसून के दौरान वन्यजीवों का विशेष ख्याल रखा जाता है ताकि उन्हें किसी प्रकार की समस्या न हो।
🎭 'वोकल फॉर लोकल': बैगा संस्कृति और व्यंजनों का लुत्फ
पर्यटकों के मनोरंजन और स्थानीय लोगों को रोजगार देने के उद्देश्य से कान्हा प्रबंधन 'वोकल फॉर लोकल' अभियान पर जोर दे रहा है। मानसून के दौरान बफर जोन में आने वाले पर्यटकों के लिए बैगा नृत्य, कोदो-कुटकी जैसे पारंपरिक व्यंजनों के स्टाल और स्थानीय कला-संस्कृति की झलक दिखाई जाएगी। इससे न केवल पर्यटकों को भारतीय संस्कृति से जुड़ने का मौका मिलेगा, बल्कि स्थानीय समुदायों की आर्थिक स्थिति में भी सुधार होगा।
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