कूनो से बाहर क्यों भाग रहे हैं चीते? बदलते 'टेस्ट' के कारण एमपी-राजस्थान के 12 जिलों में मचा रहे धमाचौकड़ी

कूनो नेशनल पार्क के चीते अब चीतलों की जगह मवेशियों और बकरों का शिकार कर रहे हैं। भोजन के बदलते स्वाद के कारण 19 चीते पार्क से बाहर विचरण कर रहे हैं।

Jun 30, 2026 - 17:45
0
कूनो से बाहर क्यों भाग रहे हैं चीते? बदलते 'टेस्ट' के कारण एमपी-राजस्थान के 12 जिलों में मचा रहे धमाचौकड़ी

श्योपुर। कूनो नेशनल पार्क का दायरा करीब 750 वर्ग किमी है, जो आसपास के जंगलों को मिलाकर 1500 वर्ग किमी तक फैल जाता है। इसके बावजूद चीतों का कूनो की सरहद लांघकर बाहर जाना पार्क प्रबंधन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। वर्तमान में कूनो के कुल 54 चीतों में से 19 चीते पार्क की सीमा से बाहर श्योपुर सहित मध्य प्रदेश और राजस्थान के करीब 12 जिलों में विचरण कर रहे हैं।

🍽️ क्यों बदल रहा है चीतों का फूड पैटर्न?

पर्यावरण मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, चीतों के खाने की आदतों में बड़ा बदलाव आया है। शुरुआत में चीतों ने चीतलों और हिरणों का शिकार किया, लेकिन अब उनका रुझान पालतू मवेशियों और बकरों की ओर अधिक बढ़ा है।

  • शिकार का सांख्यिकी विवरण: चीतों के शिकार में 42 फीसदी चीतल, 30 फीसदी बकरी और 20 फीसदी मवेशी शामिल हैं।

  • मादा चीतों की भूमिका: शिकार करने में ज्वाला और गामिनी जैसी मादा चीते अधिक सक्रिय पाई गई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जैसे-जैसे ये चीते भारतीय परिवेश में ढल रहे हैं, उनकी भोजन संबंधी प्राथमिकताएं भी बदल रही हैं, जो उन्हें कूनो की सुरक्षित सीमाओं से बाहर खींच रही हैं।

🗺️ कूनो से बाहर 'चीता भ्रमण' का सिलसिला

बीते चार महीनों में चीतों की आवाजाही ने प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा है:

  • फरवरी-मार्च 2026: चीता KP-2 और KP-3 बार-बार राजस्थान के बारां और कोटा जिलों की सीमा में देखे गए।

  • अप्रैल 2026: चीता 'वीरा' अपने शावक के साथ श्योपुर के खेतों और बफर जोन के बाहर मूवमेंट करती दिखी।

  • मई 2026: चीता KTS-1 शिवपुरी के नरवर क्षेत्र में बस्ती के पास देखा गया, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल रहा।

⚠️ प्रबंधन की चुनौती

कूनो के डिप्टी डायरेक्टर आर. थिरुकुरल का कहना है कि चीते अक्सर अपनी पसंदीदा शिकार की तलाश में बाहर निकलते हैं। उन्हें यह अंतर पता नहीं होता कि वे पार्क के कोर एरिया में हैं या रिहायशी इलाके के पास। हालांकि, राहत की बात यह है कि अभी तक किसी भी चीते ने इंसानों पर हमला नहीं किया है। फिर भी, ग्रामीणों की सुरक्षा और चीतों की मॉनिटरिंग के लिए पार्क प्रबंधन लगातार कॉलर आईडी के जरिए उन पर नजर रखे हुए है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User