खर्राटों ने तोड़ा वैवाहिक जीवन; भोपाल में तलाक की कगार पर पहुंचा पति-पत्नी का रिश्ता
भोपाल में खर्राटों के कारण बिखरते वैवाहिक जीवन का मामला। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार यह 'स्लीप एपनिया' नामक जानलेवा बीमारी हो सकती है। जानें समाधान और बचाव के उपाय।
भोपाल। क्या किसी के सोने का तरीका या खर्राटे हंसते-खेलते वैवाहिक जीवन को तबाह कर सकते हैं? भोपाल में एक ऐसा ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ पांच साल पुरानी शादी सिर्फ पति के तेज खर्राटों के कारण टूटने की कगार पर पहुंच गई थी। पत्नी रात भर सो नहीं पाती थी, जिससे दोनों के बीच तनाव बढ़ गया और बात तलाक तक जा पहुंची।
🤝 काउंसलर की सूझबूझ से बची गृहस्थी
जब यह मामला फैमिली काउंसलर रीता तुली के पास पहुंचा, तो स्थिति गंभीर थी। महिला को पति या ससुराल से कोई शिकायत नहीं थी, केवल खर्राटों की आवाज से नींद न आने की समस्या थी। काउंसलर ने सूझबूझ दिखाते हुए दोनों को तीन महीने 'अलग रहने की थेरेपी' दी। इस दौरान उन्हें एक-दूसरे की अहमियत का अहसास हुआ और अंततः उन्होंने तलाक न लेने का निर्णय लिया।
⚠️ सिर्फ आदत नहीं, जानलेवा बीमारी है स्लीप एपनिया
विशेषज्ञों का कहना है कि खर्राटों को महज एक आदत मानकर नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। छाती एवं श्वास रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रखर अग्रवाल के अनुसार, मोटापा और बिगड़ती जीवनशैली के कारण 'स्लीप एपनिया' के मरीजों में भारी इजाफा हुआ है। इस बीमारी में सोते समय शरीर में ऑक्सीजन का स्तर 95 प्रतिशत से गिरकर 50-60 प्रतिशत तक आ जाता है, जो सीधे हार्ट अटैक और स्ट्रोक के खतरे को बढ़ा देता है।
📈 बढ़ता स्वास्थ्य संकट
आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले 10 सालों में ऐसे मरीजों की संख्या में तेजी आई है। भोपाल के एम्स (AIIMS) की ओपीडी में आने वाले मरीजों की संख्या प्रति माह 15-20 से बढ़कर अब 50-60 तक पहुंच गई है। चिकित्सकों की सलाह है कि यदि खर्राटे अधिक तेज हैं और नींद के बाद भी थकान महसूस होती है, तो इसे सामान्य न समझें और तुरंत किसी विशेषज्ञ से परामर्श लें।
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