श्योपुर के इस स्कूल में न शौचालय, न किचन; मरम्मत के लिए मिले 20 हजार भी वापस किए, जानें क्या है समस्या
श्योपुर के हरि सिंह का पुरा प्राथमिक विद्यालय की स्थिति बदहाल। 1976 का जर्जर भवन बना खतरा, विभाग ने मरम्मत के लिए दी थी अपर्याप्त राशि। प्रशासन ने दिए सर्वे के आदेश।
श्योपुर। विजयपुर विकासखंड के 'हरि सिंह का पुरा' स्थित प्राथमिक विद्यालय का भवन इस समय अपनी बदहाली के आंसू रो रहा है। वर्ष 1976 में बना यह भवन आज पूरी तरह जर्जर हो चुका है। दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई हैं और छत का प्लास्टर उखड़कर गिर रहा है। बरसात के समय स्थिति इतनी भयावह हो जाती है कि केवल 10 मिनट की बारिश में पूरा स्कूल पानी से भर जाता है, जिससे बच्चों के बैठने तक की जगह नहीं बचती।
📋 मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव
स्कूल की समस्या सिर्फ जर्जर भवन तक सीमित नहीं है। यहाँ न तो बच्चों के लिए पीने का शुद्ध पानी है, न शौचालय और न ही बच्चों के लिए किचन शेड। शाला प्रभारी रामरूप मीणा के अनुसार, विद्यालय की इन समस्याओं को लेकर हर महीने अधिकारियों को आवेदन दिए जा रहे हैं, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकला। विभाग द्वारा मरम्मत के लिए स्वीकृत किए गए 20 हजार रुपये की राशि इतनी कम थी कि उससे इतने बड़े जर्जर भवन की मरम्मत संभव ही नहीं थी, जिसके चलते वह राशि वापस करनी पड़ी।
🔍 प्रशासन का रुख: जर्जर भवनों का होगा सर्वे
मामले को गंभीरता से लेते हुए बीआरसीसी उमाकांत वशिष्ठ ने बताया कि पूरे विजयपुर ब्लॉक के जर्जर विद्यालयों का सर्वे कराया जा रहा है। कलेक्टर के स्पष्ट निर्देश हैं कि किसी भी जर्जर भवन में कक्षाएं संचालित न हों। यदि वैकल्पिक व्यवस्था के लिए पंचायत भवन, आंगनवाड़ी या निजी भवनों की आवश्यकता होगी, तो वह भी उपलब्ध कराया जाएगा।
🛠️ भविष्य की कार्ययोजना
बीआरसीसी ने आश्वासन दिया है कि 'हरि सिंह का पुरा' विद्यालय के नए भवन और मरम्मत के लिए वार्षिक कार्ययोजना के तहत प्रस्ताव भोपाल भेज दिया गया है। राशि आवंटित होते ही आवश्यक सुधार कार्य किए जाएंगे। वर्तमान में ब्लॉक के सभी जर्जर स्कूलों का भौतिक सत्यापन कर रिपोर्ट डीपीसी कार्यालय भेज दी गई है, ताकि जल्द से जल्द बच्चों को सुरक्षित वातावरण में शिक्षा मिल सके।
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