पार्षद की मौजूदगी में सड़क पर बोरिंग; सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर हुआ काम, देखें रिपोर्ट
इंदौर के वार्ड 50 में सड़क के बीचोंबीच बोरिंग, पार्षद ने दी सफाई। सुरक्षा और तकनीकी मानकों की अनदेखी पर स्थानीय निवासियों ने जताया विरोध। जानें पूरा मामला।
इंदौर। देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर से एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। वार्ड क्रमांक 50 में नगर निगम ने विधायक निधि से स्वीकृत बोरिंग सड़क के बिल्कुल बीचोंबीच करवा दी। ताज्जुब की बात यह है कि यह कार्य स्थानीय पार्षद राजीव जैन की मौजूदगी में हुआ। इस अजीबोगरीब निर्माण ने न केवल तकनीकी सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि राहगीरों के लिए भी बड़ा खतरा पैदा कर दिया है।
💧 क्यों लेनी पड़ी ऐसी मजबूरी?
पार्षद राजीव जैन का तर्क है कि भीषण जल संकट को देखते हुए यह कदम उठाया गया। उनके अनुसार, सड़क के एक ओर नर्मदा जल पाइपलाइन और दूसरी ओर सीवरेज लाइन बिछी हुई है, जिससे किनारे पर बोरिंग करना असंभव था। रहवासियों की मांग और सहमति के बाद, रात के अंधेरे में मशीन बुलाकर सड़क के बीच बोरिंग कराई गई। हालांकि, प्रशासन के बोरिंग पर लगे प्रतिबंध के दौरान हुई इस कार्रवाई पर अब प्रशासनिक चुप्पी साधे हुए है।
⚠️ दुर्घटना की आशंका और सुरक्षा पर सवाल
स्थानीय निवासी नरेश पौडवाल का कहना है कि बीच सड़क पर हुए इस गड्ढे के कारण वाहन चालकों, विशेषकर चार पहिया वाहनों को गुजरने में भारी परेशानी हो रही है। बिना बेरीकेडिंग के छोड़ी गई यह बोरिंग किसी भी वक्त बड़ी दुर्घटना को न्योता दे सकती है। स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं कि इसे तुरंत अंडरग्राउंड किया जाए या कम से कम चारों ओर मजबूत सुरक्षा घेरा (बेरीकेडिंग) बनाया जाए।
🔥 सुरक्षा मानकों की अनदेखी का डर
हाल ही में इंदौर में बोरिंग के दौरान गैस पाइपलाइन फटने से हुए अग्निकांड में 4 लोग घायल हो गए थे। उस हादसे के बाद भी बिना प्रॉपर सर्वे और जांच के बोरिंग कराने को लेकर प्रशासन ने सख्त हिदायत दी थी। ऐसे में गिरधर नगर में सड़क पर हुई यह बोरिंग न केवल यातायात नियमों का उल्लंघन है, बल्कि भविष्य में किसी बड़ी तकनीकी या जानलेवा दुर्घटना को भी आमंत्रित कर रही है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)