सरभंगा जंगल में बाघ की हत्या; शव से गायब मिले नाखून और हड्डियां, तस्करी के बड़े नेटवर्क का शक
सतना के सरभंगा जंगल में बाघ का शिकार। शव से हड्डियां और नाखून गायब होने से तस्करी की आशंका। वन विभाग की जांच जारी, पांच संदिग्धों की पहचान।
सतना। सरभंगा के जंगल में हुए बाघ के शिकार और उसे दफनाने के मामले में वन विभाग की जांच एक के बाद एक चौंकाने वाले खुलासे कर रही है। अब तक की कार्रवाई में चौकीदार मिन्ता सिंह गोंड समेत कुल पांच लोगों की पहचान की जा चुकी है। विभाग ने एक आरोपी को पुलिस रिमांड पर लिया है, जबकि दूसरे को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। अन्य तीन संदिग्धों से इस जघन्य अपराध में उनकी भूमिका को लेकर कड़ी पूछताछ की जा रही है।
🦴 हड्डियों और नाखूनों का गायब होना: तस्करी की गहरी साजिश?
जांच में सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह सामने आया है कि बरामद किए गए बाघ के शव से कुछ महत्वपूर्ण हड्डियां और नाखून गायब हैं। डीएफओ मयंक चादीवाल ने इस पर चिंता जताते हुए कहा कि यह सीधे तौर पर वन्यजीव अंगों की अवैध तस्करी या बड़े संगठित नेटवर्क की ओर इशारा करता है। वन विभाग का मानना है कि शिकारियों ने बाघ को केवल मारने के लिए ही नहीं, बल्कि उसके अंगों को निकालने और अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेचने के उद्देश्य से इस वारदात को अंजाम दिया था।
🔬 वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों से जांच तेज
वन विभाग अब पूरे मामले की वैज्ञानिक और फॉरेंसिक जांच कर रहा है। गायब अंगों की बरामदगी और तस्करी के नेटवर्क को तोड़ने के लिए डिजिटल साक्ष्यों को भी खंगाला जा रहा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत इस मामले में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। जैसे-जैसे कड़ियाँ जुड़ रही हैं, उम्मीद है कि जल्द ही पूरे गिरोह का पर्दाफाश होगा। सतना वन विभाग की टीमें जंगल के उन इलाकों में भी तलाशी अभियान चला रही हैं जहाँ साक्ष्य छिपाए जाने की संभावना है।
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