ब्लड बैंक में बड़ा हादसा टला; जर्जर छत का प्लास्टर गिरने से कर्मचारियों में दहशत, सुरक्षा पर उठे सवाल
ग्वालियर के जया आरोग्य अस्पताल के ब्लड बैंक में छत का प्लास्टर गिरने से हड़कंप। जर्जर भवन के कारण कर्मचारी दहशत में। बजट के अभाव में नई बिल्डिंग की योजना अटकी।
ग्वालियर। जया आरोग्य अस्पताल (JAH) के ब्लड बैंक में शुक्रवार की शाम एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। परीक्षण कक्ष की छत का प्लास्टर अचानक भरभराकर नीचे आ गिरा। गनीमत रही कि उस समय कक्ष में कोई भी कर्मचारी मौजूद नहीं था, अन्यथा गंभीर चोटें आ सकती थीं। इस घटना के बाद ब्लड बैंक में कार्यरत लैब टेक्नीशियनों और स्टाफ में भारी दहशत है। उल्लेखनीय है कि इसी साल 29 जनवरी 2026 को भी छत का प्लास्टर गिरने की घटना हो चुकी है।
🏥 जर्जर भवन: मौत के साये में काम करने को मजबूर स्टाफ
ब्लड बैंक का भवन लंबे समय से अत्यंत जर्जर स्थिति में है। छत और दीवारों का प्लास्टर जगह-जगह से उखड़ चुका है और आए दिन गिरता रहता है। प्रतिदिन यहाँ सैकड़ों मरीज, उनके परिजन और रक्तदाता रक्तदान करने पहुँचते हैं। ऐसे में भवन की यह दयनीय स्थिति न केवल कर्मचारियों, बल्कि आने वाले मरीजों की सुरक्षा पर भी एक बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा कर रही है। डर के साये में काम कर रहे टेक्नीशियनों ने इसे अपनी कार्यस्थली की सबसे बड़ी समस्या बताया है।
📋 फाइलों में अटकी शिफ्टिंग: बजट का इंतजार
ब्लड बैंक को सुरक्षित नए भवन में स्थानांतरित करने की योजना वर्षों से फाइलों में धूल फांक रही है। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने नए भवन के निर्माण के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) से लगभग सात करोड़ रुपये की मांग की थी, लेकिन बजट स्वीकृत न होने के कारण यह परियोजना आज भी लंबित है। अब प्रबंधन ने पुराने भवन के रिनोवेशन का एक नया प्रस्ताव तैयार कर भेजा है, ताकि तत्काल मरम्मत करवाकर इसे कुछ हद तक सुरक्षित बनाया जा सके।
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