हर दौरा मिर्गी नहीं होता! दुर्लभ बीमारी 'इंसुलिनोमा' का हुआ सफल इलाज, जानिए क्या है पूरा मामला

शहडोल जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने एक दुर्लभ बीमारी 'इंसुलिनोमा' का सफल उपचार किया। 3 साल से मिर्गी मानकर भटक रही महिला को मिली नई जिंदगी।

Jul 05, 2026 - 18:59
0
हर दौरा मिर्गी नहीं होता! दुर्लभ बीमारी 'इंसुलिनोमा' का हुआ सफल इलाज, जानिए क्या है पूरा मामला

शहडोल। जिले के सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों ने चिकित्सा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। लगभग 56 वर्षीय महिला, जो पिछले तीन वर्षों से खुद को मिर्गी (एपिलेप्सी) का रोगी मानकर देश के कई बड़े शहरों में इलाज कराकर थक चुकी थी, का सही निदान शहडोल जिला अस्पताल में संभव हुआ। यहाँ के चिकित्सकों ने गहन जांच के बाद महिला को 'इंसुलिनोमा' (Insulinoma) नामक दुर्लभ बीमारी से मुक्त कर उसे एक नई जिंदगी दी है।

🧬 क्या था मामला और कैसे हुई पहचान?

महिला को बार-बार दौरे पड़ना, अत्यधिक पसीना आना, बेहोशी और घबराहट जैसी समस्याएं हो रही थीं। नागपुर, भोपाल और रायपुर जैसे महानगरों में एमआरआई और ईईजी जैसी महंगी जांचों के बाद भी बीमारी पकड़ में नहीं आ रही थी। शहडोल जिला अस्पताल में न्यूरो साइकियाट्रिस्ट डॉ. सुमित दास गुप्ता ने जब मरीज के पुराने रिकॉर्ड का विश्लेषण किया, तो पाया कि महिला के ब्लड शुगर का स्तर बार-बार असामान्य रूप से गिर रहा था। विशेष जांचों में अग्न्याशय (पैंक्रियास) के पास 18×17 मिमी का ट्यूमर पाया गया, जिसे 'इंसुलिनोमा' के रूप में पहचाना गया।

💡 डॉक्टर की सलाह: हर दौरा मिर्गी नहीं होता

सही बीमारी का पता चलने के बाद अनावश्यक दवाओं को बंद किया गया और मरीज का सटीक उपचार शुरू हुआ। कुछ समय के फॉलो-अप के बाद महिला अब पूरी तरह स्वस्थ है और उसे दौरे पड़ने बंद हो गए हैं। डॉ. सुमित दास गुप्ता ने आमजन को जागरूक करते हुए कहा कि, "हर दौरा मिर्गी नहीं होता। यदि बार-बार ब्लड शुगर कम हो, पसीना आए और धड़कन तेज हो, तो अन्य कारणों की जांच जरूर कराएं।" इस सफलता ने साबित कर दिया है कि छोटे शहरों के सरकारी अस्पतालों में भी यदि सही चिकित्सकीय दृष्टिकोण अपनाया जाए, तो बड़ी बीमारियों का निदान संभव है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User