सागर के 'सुपर सीनियर' खिलाड़ी: 70 की उम्र पार कर पावरलिफ्टिंग में जीत रहे गोल्ड मेडल, युवाओं के लिए बने प्रेरणा

सागर के तीन बुजुर्ग खिलाड़ियों ने पावरलिफ्टिंग में राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर जीते पदक। 76 साल की उम्र में भी फिटनेस का जुनून, पढ़ें इन प्रेरणादायक खिलाड़ियों की कहानी।

Jun 16, 2026 - 15:46
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सागर के 'सुपर सीनियर' खिलाड़ी: 70 की उम्र पार कर पावरलिफ्टिंग में जीत रहे गोल्ड मेडल, युवाओं के लिए बने प्रेरणा

सागर। रिटायरमेंट के बाद की उम्र आमतौर पर आराम करने की मानी जाती है, लेकिन सागर के तीन बुजुर्गों ने इस धारणा को पूरी तरह बदल दिया है। 70 वर्ष से अधिक आयु के ये खिलाड़ी आज पावरलिफ्टिंग में न केवल सक्रिय हैं, बल्कि राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर प्रदेश का मान बढ़ा रहे हैं। हाल ही में ग्वालियर में आयोजित प्रतियोगिता में सफलता हासिल करने के बाद, अब ये खिलाड़ी औरंगाबाद (महाराष्ट्र) में होने वाली राष्ट्रीय प्रतियोगिता की तैयारी में जुटे हैं।

🎖️ भगवानदास कश्यप: 20 से अधिक पदक जीतकर बढ़ाया गौरव

वन विभाग से सेवानिवृत्त भगवानदास कश्यप सागर के वरिष्ठ नागरिकों को जिम और पावरलिफ्टिंग से जोड़ने में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने अब तक 8 राज्य और 7 राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लिया है। वे 5 स्वर्ण, 1 रजत और 1 कांस्य पदक के साथ दो बार 'बेस्ट लिफ्टर मास्टर अवार्ड' भी जीत चुके हैं। अब वे ग्रुप-4 श्रेणी में महाराष्ट्र में मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे।

❤️ बायपास सर्जरी को मात देकर डॉ. मौर्य ने जीता स्वर्ण

स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त संचालक पद से सेवानिवृत्त 76 वर्षीय डॉ. अरविंद कुमार मौर्य का जज्बा युवाओं को हैरान कर देता है। बायपास सर्जरी जैसी गंभीर स्वास्थ्य चुनौती के बावजूद, उन्होंने अपनी फिटनेस को कायम रखा है। उन्होंने 2022 की राज्य स्तरीय प्रतियोगिता से लेकर मई 2026 की ग्वालियर चैंपियनशिप तक कई स्वर्ण और रजत पदक अपने नाम किए हैं। उनका निरंतर व्यायाम युवाओं के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण है।

💪 अखाड़े के शौकीन मनोहरलाल सेन का सफर

मकरोनिया निवासी 68 वर्षीय सैलून संचालक मनोहरलाल सेन बचपन से ही अखाड़े के शौकीन रहे हैं। इस उम्र में पावरलिफ्टिंग शुरू करने वाले मनोहरलाल ने सागर और इंदौर की प्रतियोगिताओं में गोल्ड मेडल जीता है। इसके अलावा, आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में कांस्य पदक हासिल कर उन्होंने अपनी क्षमता का लोहा मनवाया है। वे अब तक भोपाल, इंदौर, गोवा और विशाखापट्टनम जैसे शहरों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुके हैं।

🌟 इच्छाशक्ति के सामने उम्र केवल एक संख्या

सागर के ये तीनों खिलाड़ी आज साबित कर रहे हैं कि मजबूत इच्छाशक्ति और निरंतर मेहनत के आगे उम्र महज एक संख्या है। गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियों और बढ़ती उम्र के बावजूद, उनका समर्पण युवाओं को एक स्वस्थ जीवनशैली और नियमित व्यायाम अपनाने के लिए प्रेरित कर रहा है। फिटनेस कार्यक्रमों में उन्हें विशेष रूप से आमंत्रित किया जाता है, जहाँ वे लोगों को सक्रिय रहने का संदेश देते हैं।

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