भोपाल में अब टैक्स संशोधन के लिए बदल गए नियम; जानिए किस अधिकारी को मिला कितना अधिकार
भोपाल नगर निगम ने संपत्ति कर संशोधन में पारदर्शिता लाने के लिए नए नियम जारी किए। अब वित्तीय सीमा के आधार पर ही होगा कर निर्धारण। पढ़ें पूरी अपडेट।
भोपाल। नगर निगम भोपाल में संपत्ति कर (Property Tax) वसूली और टैक्स निर्धारण के दौरान सामने आई अनियमितताओं को देखते हुए निगम प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने टैक्स संशोधन और कर कटौती की प्रक्रिया को नियंत्रित करने के लिए एक नई वित्तीय व्यवस्था लागू की है। अब किसी भी स्तर पर टैक्स में बदलाव के लिए अधिकारियों की जवाबदेही तय कर दी गई है।
📋 क्या हैं टैक्स संशोधन की नई वित्तीय सीमाएं?
निगम के नए आदेश के अनुसार, टैक्स संशोधन का अधिकार राशि के आधार पर विभाजित किया गया है:
| कर संशोधन / कटौती की राशि | निर्णय लेने का अधिकार |
| 12,000 रुपये तक | संबंधित जोनल अधिकारी (जोन 1 से 21) |
| 12,000 से 50,000 रुपये | संबंधित जोन के सहायक आयुक्त / प्रभारी राजस्व अधिकारी |
| 50,000 से 2.50 लाख रुपये | संबंधित विधानसभा के नोडल अधिकारी |
| 2.50 लाख रुपये से अधिक | अपर आयुक्त (राजस्व) के माध्यम से आयुक्त के समक्ष |
⏱️ समय-सीमा में निराकरण अनिवार्य
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि करदाताओं की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। वार्ड और जोन कार्यालयों में प्राप्त आवेदनों पर दो कार्य दिवस के भीतर प्रारंभिक कार्रवाई शुरू करना अनिवार्य होगा। सामान्य मामलों का निराकरण सात कार्य दिवसों में करना होगा, जबकि जिन मामलों में भौतिक निरीक्षण (Physical Verification) की आवश्यकता है, उन्हें एक माह के भीतर निपटाना होगा।
⚠️ लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
निगम आयुक्त ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि किसी भी स्तर पर वित्तीय अनियमितता या कर संशोधन में धांधली पाई गई, तो संबंधित अधिकारी और कर्मचारी के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह कदम नगर निगम के राजस्व विभाग में पारदर्शिता लाने और करदाताओं को अनावश्यक परेशानियों से बचाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
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