शिवपुरी के ऐतिहासिक नरवर किले से 500 साल पुरानी अष्टधातु की तोप लूट ले गए 40 हथियारबंद डकैत

शिवपुरी के नरवर किले से 40 हथियारबंद बदमाश 500 साल पुरानी और 3000 किलो वजनी अष्टधातु की तोप लूट ले गए। पुलिस को अंतरराष्ट्रीय एंटीक तस्करों पर शक है।

Jul 17, 2026 - 09:55
0
शिवपुरी के ऐतिहासिक नरवर किले से 500 साल पुरानी अष्टधातु की तोप लूट ले गए 40 हथियारबंद डकैत

शिवपुरी। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में स्थित सिंधिया राजवंश के ऐतिहासिक नरवर किले से करीब 500 साल पुरानी बहुमूल्य अष्टधातु की तोप लूटने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. वारदात 15 और 16 जुलाई की दरमियानी रात की बताई जा रही है, जब रात के अंधेरे में करीब 40 से अधिक हथियारबंद बदमाश किले की सुरक्षा को धता बताकर अंदर घुस आए. बदमाशों ने वहां तैनात अकेले सुरक्षा गार्ड को हथियार दिखाकर डराया-धमकाया, बंधक बनाया और किले की अनमोल विरासत यानी अष्टधातु की तोप लेकर फरार हो गए. इतनी बड़ी और वजनी तोप के गायब होने की खबर से पूरे प्रशासनिक और पुलिस अमले में हड़कंप मच गया है. पुलिस को शुरुआती जांच में आशंका है कि इस बड़ी वारदात के पीछे एंटीक (ऐतिहासिक) चीजों की तस्करी करने वाला कोई अंतरराष्ट्रीय गिरोह सक्रिय हो सकता है.

🔒 2. पूरी प्लानिंग के साथ पहुंचे थे बदमाश: 3 हजार किलो वजनी तोप चुराने के लिए की गई थी रेकी

ऐतिहासिक और सुरक्षात्मक महत्व रखने वाला नरवर किला सीधे तौर पर सिंधिया राजवंश के गौरवशाली इतिहास से जुड़ा हुआ है. किले से लूटी गई यह प्राचीन तोप कोई साधारण तोप नहीं थी, बल्कि इसका वजन करीब 3 हजार किलोग्राम (3 टन) बताया जा रहा है.

वारदात के तरीके से साफ है कि यह काम किसी अनाड़ी का नहीं है: बदमाशों को पहले से इस बात की सटीक जानकारी थी कि यह ऐतिहासिक तोप किले के किस हिस्से में रखी है और इसके भारी-भरकम वजन को उठाने व ले जाने के लिए कितने लोगों और किस तरह के संसाधनों की आवश्यकता होगी. इसी सुनियोजित प्लानिंग के तहत ही इतनी बड़ी संख्या में (40 से अधिक) हथियारबंद बदमाश ट्रक या बड़े वाहन के साथ किले पर धावा बोलने पहुंचे थे, ताकि बिना किसी शोर-शराबे के तोप को आसानी से ले जाया जा सके.

🛡️ 3. किले में अब बचीं सिर्फ 13 ऐतिहासिक तोपें: सुरक्षा व्यवस्था की खुली पोल, पहले भी मंडरा रहे थे संदिग्ध
  • ऐतिहासिक धरोहर पर संकट: नरवर किले में कई ऐतिहासिक तोपें पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रही हैं. इस शर्मनाक लूट की वारदात के बाद अब किले में इनकी संख्या घटकर केवल 13 रह गई है.

  • सुरक्षा में घोर लापरवाही: स्थानीय सूत्रों के अनुसार, कुछ दिनों पहले ही किले और उसके आसपास के सुनसान इलाकों में कुछ संदिग्ध वाहनों और अपरिचित लोगों को घूमते हुए देखा गया था, लेकिन इस ऐतिहासिक धरोहर की सुरक्षा के लिए तैनात अमले या पुलिस ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया.

  • सुरक्षा गार्डों की कमी: इतने बड़े और विशाल किले की सुरक्षा केवल एक या दो गार्ड्स के भरोसे छोड़ दी गई थी, जिसका फायदा उठाकर डकैतों ने आसानी से इस बड़ी डकैती को अंजाम दे दिया. फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और किले के आसपास के सीसीटीवी फुटेज व संदिग्धों के मूवमेंट को खंगाला जा रहा है.

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User