पन्ना की रत्नगर्भा धरती ने उगला पिछले 2 साल का सबसे बड़ा हीरा, NMDC खदान में मिला 13.16 कैरेट का रफ डायमंड

मध्य प्रदेश के पन्ना में NMDC की मझगांव खदान से पिछले 2 वर्षों का सबसे बड़ा 13.16 कैरेट का जेम श्रेणी का हीरा मिला है। मार्च 2024 में दोबारा माइनिंग शुरू होने के बाद से यह अब तक की सबसे बड़ी खोज है।

Jul 20, 2026 - 18:02
0
पन्ना की रत्नगर्भा धरती ने उगला पिछले 2 साल का सबसे बड़ा हीरा, NMDC खदान में मिला 13.16 कैरेट का रफ डायमंड

पन्ना। मध्य प्रदेश के पन्ना की पावन धरती को सदियों से 'रत्नगर्भा' कहा जाता है. यहाँ की कोख लंबे समय से अनमोल और नायाब हीरे उगलती आ रही है. इसी क्रम में एक बार फिर पन्ना की धरती ने एक ऐसा बेशकीमती हीरा उगला है, जो पिछले 2 सालों में सबसे बड़ा माना जा रहा है. साल 2024 के बाद इस खदान से अब तक का सबसे बड़ा 13.16 कैरेट का हीरा प्राप्त हुआ है. यूँ तो पन्ना में पारंपरिक रूप से उथली खदानों में मजदूरों द्वारा कई तरीकों से हीरे निकाले जाते हैं, लेकिन मार्च 2024 में एनएमडीसी (NMDC) की मशीनीकृत खदान का संचालन दोबारा शुरू होने के बाद यह अब तक का सबसे बड़ा जेम (Gem) श्रेणी का हीरा है.

पन्ना की इस खदान का इतिहास पिछले कुछ वर्षों में उतार-चढ़ाव भरा रहा है. साल 2021 में कोर्ट के निर्देशों और पर्यावरणीय स्वीकृतियों के अभाव के कारण यहाँ मशीनों से होने वाली खुदाई को पूरी तरह बंद कर दिया गया था, जो कि 2023 के मध्य तक बंद रही. इसके बाद माननीय सुप्रीम कोर्ट और पर्यावरण विभाग की हरी झंडी मिलने के बाद मार्च 2024 में माइनिंग प्रोजेक्ट को फिर से शुरू किया गया. काम शुरू होने के कुछ ही समय बाद इस परियोजना से पहले 10.4 कैरेट का बड़ा हीरा मिला था, और अब 13.16 कैरेट का यह विशाल हीरा प्राप्त हुआ है, जिसने पिछले कई सालों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं.

इस देश की इकलौती मशीनीकृत हीरा खदान और हालिया खोज के मुख्य आंकड़ों को नीचे दी गई तालिका के माध्यम से आसानी से समझा जा सकता है:

परियोजना व खोज के मुख्य बिंदु आधिकारिक विवरण व तकनीकी आंकड़े
हाल ही में खोजा गया हीरा 13.16 कैरेट (बेहतरीन क्वालिटी का प्राकृतिक रफ डायमंड)
अनुमानित बाजार मूल्य लगभग 80 लाख रुपए तक
हीरे की श्रेणी (Category) उच्च गुणवत्ता वाली 'जेम' (Gem) श्रेणी
परियोजना का नाम व स्थान एनएमडीसी (NMDC) मझगांव हिनौता, पन्ना टाइगर रिजर्व क्षेत्र
परियोजना की गहराई व दायरा लगभग 330 मीटर गहरा गड्ढा (पूरी तरह मशीनीकृत माइनिंग)
खदान की स्थापना का वर्ष सन 1971-72 (भारत की एकमात्र व्यवस्थित हीरा खदान)

पन्ना में स्थित यह एशिया की सबसे बड़ी एनएमडीसी हीरा खनन परियोजना है, जो जिला मुख्यालय से लगभग 20 किलोमीटर दूर पन्ना टाइगर रिजर्व क्षेत्र के मझगांव हिनौता में स्थित है. इस परियोजना की शुरुआत सन 1971-72 में हुई थी, जो तब से निरंतर देश की अर्थव्यवस्था में योगदान दे रही है. इस माइनिंग प्रोजेक्ट से अब तक हजारों कैरेट हीरे प्राप्त हो चुके हैं.

यह परियोजना पन्ना टाइगर रिजर्व के बीचों-बीच स्थित है, जो कई हेक्टेयर क्षेत्र में फैली हुई है. घने जंगलों के बीच सुरक्षा के लिहाज से यहाँ एक अलग से विशाल कैंपस बनाया गया है. इस आत्मनिर्भर कैंपस के भीतर ही स्कूल, हॉस्पिटल, बाजार एवं अधिकारियों व कर्मचारियों की सुरक्षित कॉलोनी स्थित है. इसी कैंपस के बगल में करीब 330 मीटर गहरा वह ऐतिहासिक गड्ढा है, जहाँ से भारी मशीनों के जरिए हीरा युक्त किम्बरलाइट चट्टानों को निकाला जाता है.

यह डायमंड माइनिंग प्रोजेक्ट भारत की एकमात्र व्यवस्थित, वैज्ञानिक और पूरी तरह से मशीनीकृत डायमंड खदान है. यहाँ मिला 13.16 कैरेट का बेहतरीन क्वालिटी वाला प्राकृतिक कच्चा हीरा (रफ डायमंड) पन्ना के इतिहास में एक नई उम्मीद लेकर आया है. इस नई खोज ने पिछले सबसे बड़े 10.4 कैरेट के हीरे के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया है. विशेषज्ञों का मानना है कि खदान में काम की गति को देखते हुए आने वाले समय में यहाँ से और भी बड़े और कीमती हीरे मिलने की पूरी संभावना है, जिससे पन्ना की पहचान वैश्विक स्तर पर और मजबूत होगी.

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User