बानमौर अपहरण कांड का सनसनीखेज खुलासा; परिवार के डर से रची थी साजिश, 150 होटल छानने के बाद पुलिस ने खोजा
मुरैना के बानमौर में एक युवक ने ऑनलाइन गेम में 2.5 लाख रुपये हारने के बाद खुद के अपहरण की झूठी साजिश रची। पुलिस ने 150 होटलों की तलाशी के बाद उसे दिल्ली से सकुशल बरामद कर लिया है।
मुरैना। मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के बानमौर थाना क्षेत्र में कथित अपहरण का एक हाई-प्रोफाइल मामला पुलिस जांच में पूरी तरह से फिल्मी और उलट साबित हुआ. जिस 26 वर्षीय युवक के अपहरण की कहानी से उसका परिवार और पुलिस प्रशासन परेशान थे, उसकी असल सच्चाई सामने आते ही हर कोई हैरान रह गया. पुलिस जांच में यह बात निकलकर आई कि युवक ऑनलाइन गेम में करीब ढाई लाख रुपये हार गया था. परिवार की डांट और डर से बचने के लिए उसने खुद ही अपने अपहरण की झूठी कहानी रच डाली और मुरैना छोड़कर दिल्ली फरार हो गया. बानमौर पुलिस ने तकनीकी जांच और सघन तलाशी के बाद युवक को दिल्ली के एक होटल से सकुशल बरामद कर लिया है.
जानकारी के अनुसार, बानमौर थाना क्षेत्र के पमाया रोड निवासी 26 वर्षीय सोनू कुशवाह के परिजन 17 जुलाई को घबराए हुए थाने पहुंचे थे. परिजनों ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि सोनू किसी निजी काम से घर से बाजार के लिए निकला था. इसी दौरान हाईवे पर अज्ञात कार सवार बदमाशों ने उसे घेर लिया, उसके साथ बुरी तरह मारपीट की और फिर जबरन कार में डालकर अपने साथ ले गए. दिनदहाड़े हाईवे से अपहरण की इस सूचना ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया.
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (SP) धर्मराज मीना ने तत्काल दो विशेष टीमें गठित कीं और सर्च ऑपरेशन शुरू किया. शुरुआती जांच के दौरान जब पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों (कॉल डिटेल्स) और हाईवे के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तो पूरी अपहरण की कहानी पर संदेह होने लगा. फुटेज में कोई भी संदिग्ध कार या मारपीट नजर नहीं आई. इसी बीच पुलिस के मुखबिर तंत्र से एक अहम सूचना मिली कि 'अपहृत' सोनू को दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन के आसपास देखा गया है.
मुखबिर की सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत दिल्ली रवाना हुई. शनिवार रात को टीम ने दिल्ली के निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन परिसर, ऑटो स्टैंड और बस स्टैंड सहित कई जगहों पर सघन तलाशी ली, लेकिन शुरुआत में उसका कोई सुराग नहीं मिला. हार न मानते हुए पुलिस ने स्टेशन के आस-पास स्थित करीबन 150 होटलों और लॉज की एक-एक करके तलाशी ली. आखिरकार, सोनू कुशवाह एक होटल के कमरे में अकेले आराम से मोबाइल चलाते हुए पुलिस के हत्थे चढ़ गया.
दिल्ली के जिस होटल से सोनू पकड़ा गया, वहां के मैनेजर ने पुलिस को बताया कि सोनू कुशवाह 18 जुलाई को अकेले ही होटल में आया था और तभी से वहां रुका हुआ था. जब मुरैना पुलिस उसे लेकर वापस लौटी और सख्ती से पूछताछ की, तो सोनू ने अपना जुर्म कबूल कर लिया.
पूरे मामले का सनसनीखेज खुलासा होने के बाद मुरैना पुलिस ने बड़ी राहत की सांस ली है. इस घटनाक्रम पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) सुरेंद्र पाल डाबर ने आधिकारिक बयान जारी किया है.
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)