मध्य प्रदेश विधानसभा में नीट लाठीचार्ज पर भारी हंगामा; ₹7,765 करोड़ का पहला अनुपूरक बजट पेश
मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में नीट पेपर लीक और जंतर-मंतर लाठीचार्ज पर जोरदार हंगामा हुआ। विपक्ष के बहिर्गमन के बीच वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने ₹7,765.06 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश किया। जानें बजट और पारित बिलों की पूरी डिटेल।
भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन सदन के भीतर और परिसर के बाहर जबरदस्त राजनीतिक घमासान और हंगामा देखने को मिला. दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट (NEET) पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के मुद्दे पर विपक्ष ने जमकर नारेबाजी की.
हंगामे और विपक्ष के सदन से बहिर्गमन (वॉकआउट) के बीच उपमुख्यमंत्री व वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 7,765.06 करोड़ रुपये का पहला अनुपूरक बजट (Supplementary Budget) सदन के पटल पर रखा.
संसदीय कार्य एवं नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय जब अग्निशमन विधेयक पर बोल रहे थे, तभी कांग्रेस विधायकों ने नीट लाठीचार्ज का मुद्दा उठा दिया. विधायक भंवर सिंह शेखावत ने सरकार पर छात्रों के साथ बर्बरता का आरोप लगाया.
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि कैलाश विजयवर्गीय ने आंदोलनकारी छात्रों को 'कीड़ा' कहकर संबोधित किया है, जिसके लिए उन्हें सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए. पलटवार करते हुए कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि नीट परीक्षा में गड़बड़ियों पर सरकार पहले ही सख्त एक्शन ले चुकी है और जंतर-मंतर पर हुआ प्रदर्शन 'राजनीतिक रूप से प्रायोजित' था.
लाठीचार्ज पर कार्यस्थगन प्रस्ताव और विशेष चर्चा की मांग ठुकराए जाने से नाराज नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने सदन का बहिष्कार किया. इसके बाद सभी विधायक विधानसभा परिसर स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय के बाहर जमीन पर धरने पर बैठ गए.
कांग्रेस विधायकों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की. हालांकि विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने उन्हें समझा-बुझाकर उठाने का प्रयास किया, लेकिन विपक्षी सदस्य अपनी मांगों को लेकर अड़े रहे.
वित्त मंत्री द्वारा पेश किए गए अनुपूरक बजट में बुनियादी ढांचे, शिक्षा, सिंचाई और पुलिस आधुनिकीकरण पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है.
अनुपूरक बजट में स्वीकृत प्रमुख मदों और उनके वित्तीय आवंटन का ब्योरा नीचे दी गई तालिका में देखा जा सकता है:
| विभाग / योजना का नाम | आवंटित राशि | प्रमुख उद्देश्य / उपयोग |
| नर्मदा घाटी विकास (सिंचाई) | ₹3,000.00 करोड़ | सिंचाई परियोजनाओं के विस्तार व भूमि अधिग्रहण हेतु (सर्वाधिक). |
| राजस्व विभाग (SDRF) | ₹397.54 करोड़ | आपदा राहत और आपातकालीन प्रबंधन के लिए. |
| मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा | ₹101.00 करोड़ | प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण हेतु. |
| क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (ICJS) | ₹98.83 करोड़ | इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम के तकनीकी उन्नयन हेतु. |
| प्रतिभाशाली छात्र लैपटॉप योजना | ₹58.07 करोड़ | मेधावी विद्यार्थियों को मुफ्त लैपटॉप वितरण हेतु. |
| पुलिस आधुनिकीकरण | ₹58.32 करोड़ | गृह विभाग एवं पुलिस बल को आधुनिक उपकरणों से लैस करने हेतु. |
विपक्षी विधायकों के सदन से बाहर रहने के दौरान चार महत्वपूर्ण विधेयक—मप्र ईज ऑफ डूइंग विधेयक, मप्र उपकर संशोधन विधेयक, धन्वंतरि स्वास्थ्य विश्वविद्यालय विधेयक और मप्र वैट संशोधन विधेयक एकतरफा चर्चा के बाद ध्वनिमत से पास कर दिए गए.
सत्र के दौरान विधानसभा परिसर में दो अलग नजारे भी देखने को मिले:
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सांकेतिक नाटक: सत्र शुरू होने से पहले कांग्रेस विधायकों ने परिसर में सांकेतिक नाटक का मंचन कर आरोप लगाया कि सरकार जनहित के मुद्दों पर सुस्त और सांप्रदायिक मुद्दों पर तुरंत सक्रिय होती है.
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फायरमैन की वर्दी में पहुंचे विधायक: जबलपुर उत्तर से भाजपा विधायक डॉ. अभिलाष पांडे फायरमैन की वर्दी पहनकर और हाथ में अग्निशामक यंत्र लेकर विधानसभा पहुंचे और नया फायर सेफ्टी एक्ट लागू करने के लिए सरकार का आभार जताया.
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