बेलगाम रफ्तार का कहर, सिलावद में मासूम बच्चे बन रहे हादसों का शिकार

बड़वानी:- जिले के सिलावद नगर में तेज रफ्तार और लापरवाह वाहन चालक सड़कों पर बेलगाम दौड़ रहे हैं, जिससे आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं। इन हादसों में सबसे अधिक मासूम बच्चे शिकार हो रहे हैं।
मंगलवार रात एक बार फिर चार साल का मासूम बच्चा तेज रफ्तार मोटरसाइकिल की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गया। इससे दो दिन पहले भी छह साल की एक बच्ची दुर्घटनाग्रस्त हुई थी। वहीं, 10 फरवरी को भी एक चार साल की बच्ची को बाइक सवार ने टक्कर मार दी थी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई थी। बच्ची को इलाज के लिए इंदौर ले जाना पड़ा, जहां 12 दिन तक वह बेहोश रही और इलाज पर करीब पौने तीन लाख रुपए का खर्च आया।
तेज रफ्तार और नाबालिग चालकों की लापरवाही बनी हादसों की वजह
स्थानीय लोगों के मुताबिक, नगर में नाबालिग और नशे की हालत में वाहन चलाने वालों की संख्या बढ़ रही है। यही कारण है कि बच्चों का घर से बाहर निकलना तक मुश्किल हो गया है। बावजूद इसके, प्रशासन और पुलिस इस पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं कर रही है।
तीन दिन में तीन हादसे, मासूम बच्चे घायल
मंगलवार रात को इंदौर निवासी अजलान (4 वर्ष) अपने नाना के घर सिलावद आया था। रात करीब 8:45 बजे तेज रफ्तार मोटरसाइकिल की टक्कर से उसे सिर, हाथ-पैर और पीठ में गंभीर चोटें आईं।
दो दिन पहले समायरा (6 वर्ष) पिता शाहरुख खान अचानक एक तेज रफ्तार बाइक के हॉर्न से घबराकर गिर गई, जिससे उसका हाथ फ्रैक्चर हो गया।
10 फरवरी को हुमेरा फातिमा (4 वर्ष) पिता शाहबाज मंसूरी को एक बाइक सवार ने टक्कर मार दी थी। बच्ची गंभीर रूप से घायल हुई और इंदौर अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
इलाके के लोगों का कहना है कि लगातार हो रही इन दुर्घटनाओं के बावजूद पुलिस और प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। लोगों ने मांग की है कि नगर में ट्रैफिक नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाए, तेज रफ्तार और नाबालिग चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो, ताकि बच्चों और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
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