क्या कोविड वैक्सीन से बढ़ रहे हार्ट अटैक? इंदौर के डॉक्टर विनीत पांडे ने बताई असली वजह
इंदौर के कार्डियक सर्जन डॉ. विनीत पांडे ने युवाओं में बढ़ते हार्ट अटैक और कार्डियोवैस्कुलर बीमारियों (CVD) के कारणों का खुलासा किया है। जानिए WHO की रिपोर्ट, आधुनिक लाइफस्टाइल के खतरे और कोविड वैक्सीन से जुड़े मिथक का सच।
इंदौर। यदि आप आधुनिक जीवन शैली के फेर में देर रात तक जगने, देर से उठने और रेस्टोरेंट-होटल के चटपटे खाने के शौकीन हैं, तो आप अनजाने में ही गंभीर हृदय रोगों को आमंत्रण दे रहे हैं. इसी अनियंत्रित दिनचर्या के चलते देश की एक बड़ी युवा आबादी तेजी से हृदय रोगों का शिकार हो रही है. पहले जहां दिल से जुड़ी बीमारियां केवल बुजुर्गों या ढलती उम्र के लोगों में देखी जाती थीं, वहीं अब युवा भी इसकी चपेट में आ रहे हैं.
चिकित्सकों के अनुसार, युवाओं में कार्डियोवैस्कुलर डिजीज (CVD) की समस्या सबसे अधिक देखने को मिल रही है. इस स्थिति में हृदय से शरीर के अन्य भागों तक रक्त ले जाने वाली वाहिकाएं संकरी (narrow) हो जाती हैं, जिससे रक्त आपूर्ति बाधित होती है.
इसके अलावा, लगातार बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर हृदय पर अत्यधिक दबाव डालता है. जब हृदय अपनी सामान्य क्षमता के अनुसार रक्त को प्रभावी रूप से पंप नहीं कर पाता, तो 'हार्ट फेल्योर' की स्थिति बन जाती है. इसी तरह, कोरोनरी आर्टरी डिजीज (CAD) में धमनियों के ब्लॉक होने से हृदय तक पर्याप्त ऑक्सीजन और रक्त नहीं पहुंच पाता, जबकि 'कार्डियोमायोपैथी' में हृदय की मांसपेशियां कठोर और मोटी हो जाती हैं.
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की ताजा रिपोर्ट भारत में युवाओं के स्वास्थ्य को लेकर बेहद चिंताजनक आंकड़े प्रस्तुत करती है:
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लक्षित आयु वर्ग: 40 वर्ष से लेकर 69 वर्ष तक की युवा और कार्यशील आबादी.
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मृत्यु दर: इस आयु वर्ग में होने वाली कुल मौतों में से 45 प्रतिशत मौतों की मुख्य वजह केवल हृदय रोग है.
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मूल कारण: आधुनिक जीवनशैली में शारीरिक गतिविधि की कमी, असंतुलित खान-पान, तनाव और धूम्रपान या अन्य नशों की लत.
दिल से जुड़ी बीमारियों और उनके मुख्य कारणों का विवरण नीचे दी गई तालिका में समझा जा सकता है:
| बीमारी / कारक प्रकार | प्रभाव एवं मुख्य लक्षण |
| CVD (कार्डियोवैस्कुलर बीमारी) | रक्त वाहिकाओं का संकरा होना; शरीर में रक्त प्रवाह बाधित होना. |
| CAD (कोरोनरी आर्टरी डिजीज) | हृदय तक रक्त पहुंचाने वाली धमनियों में रुकावट (ब्लॉकेज). |
| हार्ट फेल्योर (Heart Failure) | हाई ब्लड प्रेशर के कारण हृदय की पंपिंग क्षमता का प्रभावित होना. |
| गतिहीन दिनचर्या (Sedentary Life) | लंबे समय तक डेस्क जॉब, बढ़ा हुआ स्क्रीन टाइम, मोटापा और डायबिटीज. |
| असंतुलित आहार | प्रोसेस्ड फूड, हाई शुगर प्रोडक्ट और बाहर का खाना (कोलेस्ट्रॉल में वृद्धि). |
इंदौर के प्रसिद्ध कार्डियक सर्जन डॉ. विनीत पांडे का कहना है कि पुराने दौर की कहावतें आज भी सेहतमंद दिल के लिए सबसे सटीक मार्गदर्शन प्रदान करती हैं.
कोरोना वैक्सीन के बाद अचानक हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट के मामले बढ़ने की आशंकाओं को खारिज करते हुए डॉ. विनीत पांडे ने स्थिति स्पष्ट की.
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