ग्वालियर में बनेगा देश का 5वां टेलीकॉम हब; ₹12,000 करोड़ के निवेश से खिलेंगे रोजगार के अवसर
ग्वालियर के कुलैथ में 100 एकड़ भूमि पर देश का 5वां टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन बनने जा रहा है। ₹12,000 करोड़ के निवेश से 5G/6G उपकरण, सेमीकंडक्टर चिप्स और स्मार्टफोन का निर्माण होगा।
ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर-चंबल अंचल में औद्योगिक क्रांति की नई इबारत लिखी जा रही है. ग्वालियर के पास स्थित कुलैथ गांव में 100 एकड़ भूमि पर 'टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन' (Telecom Manufacturing Zone) स्थापित करने की भव्य तैयारी पूरी कर ली गई है.
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत विभिन्न बहुराष्ट्रीय कंपनियां लगभग 12,000 करोड़ रुपये का निवेश करेंगी. शुरुआत में मध्य प्रदेश सरकार यहां बुनियादी ढांचा विकसित करने के लिए ₹1,500 करोड़ खर्च करेगी, जिसके बाद टेलीकॉम क्षेत्र की प्रमुख कंपनियां अपनी इकाइयां स्थापित करना शुरू करेंगी.
इस विशेष जोन में 5G और 6G तकनीक से जुड़े उपकरण, सेमीकंडक्टर चिप्स, स्मार्टफोन्स और ऑप्टिकल फाइबर से संबंधित हाई-टेक उत्पादों का बड़े पैमाने पर निर्माण किया जाएगा.
विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (SADA) के अधीन आने वाली कुलैथ गांव की इस 100 एकड़ जमीन को औपचारिक रूप से उद्योग विभाग को हस्तांतरित कर दिया गया है. अब यहां एक्सप्रेस-वे कनेक्टिविटी, बिजली, पानी और ड्रेनेज जैसी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं विकसित करने का काम तेजी से शुरू किया जा रहा है.
आगरा-ग्वालियर एक्सप्रेस-वे के बिल्कुल पास स्थित होने के कारण इस जोन को लॉजिस्टिक्स का बड़ा फायदा मिलेगा. एक्सप्रेस-वे के जरिए यह क्षेत्र सीधे दिल्ली-एनसीआर और देश के प्रमुख समुद्री बंदरगाहों से जुड़ सकेगा, जिससे देश-विदेश की बड़ी कंपनियां यहां निवेश के लिए उत्साहित हैं.
भारत में अब तक इस प्रकार के केवल 4 प्रमुख टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन (श्रीपेरंबुदूर, तिरुपति, नोएडा और बेंगलुरु) ही क्रियाशील हैं. इस प्रोजेक्ट के पूरा होते ही ग्वालियर देश का 5वां ऐसा हाई-टेक शहर बन जाएगा. इस जोन से क्षेत्र के हजारों युवाओं को स्थानीय स्तर पर ही उच्च स्तरीय रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे.
परियोजना से जुड़ी मुख्य जानकारियों का संक्षिप्त विवरण नीचे दी गई तालिका में देखा जा सकता है:
| विवरण / मानक | परियोजना से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी |
| प्रस्तावित स्थल | कुलैथ गांव, ग्वालियर (100 एकड़ भूमि) |
| अनुमानित कुल निवेश | ₹12,000 करोड़ (निजी कंपनियों द्वारा) |
| राज्य सरकार का योगदान | ₹1,500 करोड़ (इंफ्रास्ट्रक्चर विकास हेतु) |
| मुख्य उत्पाद | 5G/6G उपकरण, सेमीकंडक्टर, स्मार्टफोन व ऑप्टिकल फाइबर |
| राष्ट्रीय स्थान | देश का 5वां टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन |
भारत सरकार का मुख्य उद्देश्य टेलीकॉम क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाले सभी आवश्यक कलपुर्जों का उत्पादन देश के भीतर ही सुनिश्चित करना है.
वर्तमान में टेलीकॉम उपकरणों के लिए भारत को काफी हद तक चीन पर निर्भर रहना पड़ता है. ग्वालियर में इस जोन के शुरू होने से न केवल चीन पर निर्भरता कम होगी, बल्कि भारत आत्मनिर्भर बनकर अन्य देशों को भी ये उपकरण निर्यात कर सकेगा. इससे देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और आईटी व इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र के कुशल युवाओं को विदेश जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी.
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