युवाओं के भविष्य के लिए सड़क पर उतरी 'वर्दी सोशल वेलफेयर फाउंडेशन', जानें क्या हैं प्रमुख मांगें

भोपाल में NEET पेपर लीक और छात्रों के भविष्य को लेकर 'वर्दी सोशल वेलफेयर फाउंडेशन' से जुड़े पूर्व सैनिकों ने अनशन किया। शिक्षा माफियाओं पर सख्त कार्रवाई की मांग।

Jul 25, 2026 - 18:47
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युवाओं के भविष्य के लिए सड़क पर उतरी 'वर्दी सोशल वेलफेयर फाउंडेशन', जानें क्या हैं प्रमुख मांगें

भोपाल: एग्जाम में पेपर लीक और युवाओं के भविष्य के मुद्दों को लेकर देश के कई शहरों में प्रदर्शन चल रहे हैं। अब समाज के विभिन्न संगठन भी युवाओं के समर्थन में उतरने लगे हैं। NEET पेपर लीक और छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दे को लेकर 'वर्दी सोशल वेलफेयर फाउंडेशन' ने छात्रों के समर्थन में दो घंटे का अनशन किया। इसमें बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक और उनके परिवार के लोग शामिल हुए।

🪖 छात्रों के साथ खड़े हैं पूर्व सैनिक

भोपाल में लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा के नीचे छात्रों के समर्थन में वर्दी सोशल वेलफेयर फाउंडेशन के अध्यक्ष मेजर जनरल श्याम श्रीवास्तव ने कहा, "यह केवल किसी एक परीक्षा का मुद्दा नहीं है, बल्कि देश की अस्मिता और लाखों छात्रों के भविष्य का सवाल है। दिल्ली में छात्र अन्याय के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं और ऐसे समय में समाज का नैतिक दायित्व है कि वह उनके साथ खड़ा हो। पूर्व सैनिक पूरी तरह छात्रों के साथ हैं। जरूरत पड़ी तो हम दिल्ली भी जाएंगे।"

✊ यह मुद्दा केवल युवाओं का नहीं

मेजर जनरल श्याम श्रीवास्तव का कहना है, "छात्रों के शांतिपूर्ण आंदोलन पर जिस बेरहमी से लाठीचार्ज किया गया, वह बेहद निंदनीय है। छात्रों का कसूर क्या है कि वे न्याय मांग रहे हैं? छात्रों की आवाज को मजबूती देने के लिए समाज की सहभागिता आवश्यक है।" फाउंडेशन ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग से जुड़ा अभियान बताते हुए सभी नागरिकों से समर्थन देने की अपील की। यह कार्यक्रम छात्रों के अधिकारों और निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था के समर्थन में आयोजित किया गया।

⚖️ NEET पेपर लीक के दोषियों को सजा मिले

वर्दी सोशल वेलफेयर फाउंडेशन ने नीट पेपर लीक मामले की जांच उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में कराकर दोषियों को कठोरतम दंड देने की मांग की। इसके साथ ही यह मांग भी की गई कि पिछले 10 वर्षों में हुए सभी पेपर लीक मामलों की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। शिक्षा माफिया और अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। शिक्षा का व्यवसायीकरण बंद हो। शिक्षा को व्यापार के बजाय राष्ट्र निर्माण का मूल आधार माना जाए। पेपर लीक से प्रताड़ित होकर जान देने वाले छात्रों के परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाए और छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं।

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