जब तक इजराइल बंद नहीं करेगा हमले, तब तक कोई समझौता नहीं- ईरान के सुप्रीम लीडर
ईरान के सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई ने लेबनान के हिज्बुल्लाह संगठन को पूर्ण समर्थन देने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि इजराइल के खिलाफ प्रतिरोध ही एकमात्र रास्ता है।
ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई ने लेबनान के प्रमुख संगठन हिज्बुल्लाह को अपना खुला और पूरा समर्थन देने का आधिकारिक ऐलान किया है। उन्होंने अपने बयान में दो टूक कहा है कि अमेरिका और इजराइल के खिलाफ चल रही इस लंबी लड़ाई में अब 'जिहाद' और 'प्रतिरोध' (Resistance) के अलावा दूसरा कोई और रास्ता नहीं बचा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि जब तक इजराइल लेबनान की धरती पर अपने सैन्य हमले पूरी तरह और बिना किसी शर्त के बंद नहीं कर देता, तब तक ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध को समाप्त करने को लेकर कोई भी शांति समझौता नहीं हो सकता।
📱 सोशल मीडिया के जरिए हिज्बुल्लाह के नाम जारी किया संदेश
लगभग 56 वर्ष के मुज्तबा खामेनेई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर लेबनान के हिज्बुल्लाह संगठन के महासचिव शेख नईम कासिम और उनके तमाम लड़ाकों के नाम एक महत्वपूर्ण संदेश जारी किया है। इस संदेश में उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ईरान, हिज्बुल्लाह की रक्षा करना और उसका साथ देना अपनी सबसे बड़ी रणनीतिक जिम्मेदारी मानता है। उन्होंने दुनिया के सामने मांग रखी कि इजराइल को तुरंत प्रभाव से लेबनान पर अपने सभी सैन्य आक्रमण बिना किसी शर्त के रोक देने चाहिए।
✉️ हिज्बुल्लाह द्वारा भेजे गए पत्र के जवाब में आया यह बयान
प्राप्त जानकारी के अनुसार, खामेनेई का यह कड़ा संदेश असल में हिज्बुल्लाह संगठन की ओर से भेजे गए उस पत्र के जवाब में सामने आया है, जिसमें संगठन ने ईरान के इस्लामिक रिपब्लिक के प्रति अपनी अटूट निष्ठा और समर्थन व्यक्त किया था। इसी पत्र के प्रत्युत्तर में उन्होंने कहा कि अमेरिकी और इजरायली ताकतों का डटकर सामना करने के लिए जिहाद और प्रतिरोध ही एकमात्र विकल्प है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आज दुनिया भर के कई देश अमेरिका और इजराइल की दमनकारी नीतियों से तंग आ चुके हैं।
✊ हिज्बुल्लाह का संघर्ष दुनिया के लिए एक बड़ी प्रेरणा: मुज्तबा
मुज्तबा के अनुसार, अमेरिका और जायोनी ताकतें लगातार आम लोगों की जान और उनकी आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को भारी नुकसान पहुंचा रही हैं। इसलिए इनके खिलाफ लगातार संघर्ष जारी रखना बेहद जरूरी है। मुज्तबा खामेनेई ने हिज्बुल्लाह संगठन की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि यह संगठन इजराइल के भीषण हमलों के सामने भी किसी चट्टान की तरह पूरी मजबूती के साथ डटकर खड़ा रहा है। उन्होंने कहा कि हिज्बुल्लाह का यह संघर्ष आज दुनिया के उन तमाम लोगों के लिए एक बड़ी प्रेरणा बन गया है, जो अपने-अपने देशों को विदेशी दबाव और बाहरी दखलअंदाजी से पूरी तरह मुक्त कराना चाहते हैं।
🕊️ पूर्व सुप्रीम लीडर की नीति को आगे बढ़ाते हुए दी शहीदों को श्रद्धांजलि
अपने इस संबोधन में मुज्तबा ने अपने पिता और ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई की पुरानी नीति का विशेष रूप से जिक्र किया और कहा कि हिज्बुल्लाह की रक्षा करना ईरान की लंबे समय से चली आ रही एक मुख्य रणनीतिक नीति रही है। इस दौरान खामेनेई ने हिज्बुल्लाह के दिवंगत पूर्व महासचिव सैयद हसन नसरल्लाह समेत उन सभी वीर लड़ाकों को गहरी श्रद्धांजलि अर्पित की, जो अमेरिका और इजराइल के हमलों में शहीद हुए हैं। उन्होंने अंत में कहा कि इन तमाम शहीदों के बलिदान और खून ने ही हिज्बुल्लाह को एक छोटे पौधे से सींचकर एक मजबूत और विशाल पेड़ बना दिया है और पूरे इस्लामी जगत में लेबनान का मान-सम्मान और गौरव बढ़ाया है।
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