एयर इंडिया के इंजीनियर और मुंबई के कारोबारी ने सांसारिक मोहमाया त्याग कर किया खुद का पिंडदान, ली गुरु दीक्षा
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर उज्जैन में दो युवाओं ने खुद का पिंडदान कर संन्यास लिया। वहीं सीएम मोहन यादव ने विकास कार्यों का भूमि पूजन किया और बागेश्वर धाम में विशेष आयोजन हुए।
उज्जैन : पावन पर्व गुरु पूर्णिमा के अवसर पर देश की धर्म नगरी उज्जैन सहित पूरे मध्य प्रदेश में विभिन्न भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इसी कड़ी में उज्जैन के मौन तीर्थ गंगा घाट आश्रम से एक बेहद अनोखा और हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहाँ सुमनानंद गिरी महाराज से गुरु दीक्षा प्राप्त कर दो पढ़े-लिखे युवाओं ने अपना संपूर्ण सांसारिक जीवन हमेशा के लिए त्याग दिया और स्वयं का पिंडदान कर संन्यास ले लिया। अपना पिंडदान करने वाले इन दोनों युवाओं में से एक युवक एयर इंडिया में इंजीनियर और दूसरा मुंबई में एक सफल कारोबारी रहा है। इससे पहले हाल ही में चर्चित टीवी एंकर रही हर्षा रिछारिया ने भी गुरु दक्षिणा लेकर संन्यास का कठिन मार्ग चुना था।
🧘♂️ कौन हैं वे दोनों युवा जिन्होंने सांसारिक मोहमाया त्यागकर लिया संन्यास?
मौन तीर्थ आश्रम से प्राप्त जानकारी के अनुसार, एयर इंडिया के इंजीनियर मनीष कुमार (उम्र 25 वर्ष) और मुंबई के व्यवसायी संचित शर्मा (उम्र 35 वर्ष) ने खुद का पिंडदान करने के पश्चात औपचारिक रूप से गुरु दीक्षा ग्रहण की है। मूल रूप से बिहार के रहने वाले मनीष कुमार बेंगलुरु एयरपोर्ट पर एक प्रतिष्ठित कंपनी में मैकेनिकल इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे, जबकि संचित शर्मा मुंबई में अपनी एक प्लेसमेंट एजेंसी का संचालन करते थे।
🏛️ कालभैरव मंदिर, सांदीपनि आश्रम और मंगलनाथ मंदिर का हुआ भूमि पूजन
गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर बुधवार को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव विशेष रूप से उज्जैन पहुँचे। अपने प्रवास के दौरान उन्होंने लगभग 453.40 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से बनने वाले कालभैरव मंदिर, सांदीपनि आश्रम और मंगलनाथ मंदिर के विकास कार्यों का भूमि पूजन किया।
इसके साथ ही उन्होंने 34 करोड़ रुपये की लागत से नवनिर्मित गीता भवन का लोकार्पण किया। वहीं, 12.70 करोड़ रुपये की लागत से बने शासकीय माधव विज्ञान महाविद्यालय के नए परिसर, आधुनिक प्रयोगशाला और तीन नई लाइब्रेरी का उद्घाटन भी उनके द्वारा किया गया। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री ने 78.75 करोड़ रुपये की लागत से तैयार महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय के मुख्य परिसर की बड़ी सौगात भी प्रदेशवासियों को दी।
👩🏫 मुख्यमंत्री ने 7500 शिक्षकों को सौंपे नियुक्ति पत्र, प्राचार्यों का किया सम्मान
मंदिर में गुरु पूर्णिमा की विशेष पूजा-अर्चना करने के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने देर रात विक्रम कीर्ति मंदिर में बनाए जा रहे स्मार्ट सीटू (SEATO) संग्रहालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने लगभग 7500 नवनियुक्त शिक्षकों में से कुछ शिक्षकों को अपने हाथों से नियुक्ति पत्र सौंपे।
कार्यक्रम के दौरान सीएम ने पिछले 3 सालों से लगातार शत-प्रतिशत सरकारी परीक्षा परिणाम देने वाले प्रदेशभर के उत्कृष्ट प्राचार्यों को भी सम्मानित किया। उन्होंने प्रत्येक प्राचार्य को 1-1 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि तथा उनके विद्यालयों के विकास के लिए 5-5 लाख रुपये की राशि देने की ऐतिहासिक घोषणा की। साथ ही, कक्षा 9वीं से 12वीं तक के 500 शासकीय स्कूलों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर आधारित 'मिशन बुनियाद' का शुभारंभ भी आधिकारिक रूप से उज्जैन से कर दिया गया।
🙏 बागेश्वर धाम में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़, सन्यासी बाबा की पादुकाओं के हुए दर्शन
दूसरी ओर, छतरपुर स्थित प्रसिद्ध बागेश्वर धाम में गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर सन्यासी बाबा की पवित्र पादुकाओं के दर्शन करने के लिए देश-विदेश से आए भक्तों का तांता लगा रहा। धाम पर पहुँचे देश के कोने-कोने से श्रद्धालुओं को इन दुर्लभ पादुकाओं के पूजन का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
धाम के सेवादार नितेंद्र चौबे ने जानकारी देते हुए बताया, ''सन्यासी बाबा की ये पवित्र पादुकाएं साल में केवल एक बार सिर्फ गुरु पूर्णिमा के विशेष दिन ही आम श्रद्धालुओं के दर्शन और पूजन के लिए बाहर निकाली जाती हैं। पिछले दो वर्षों से यह परंपरा निरंतर निभाई जा रही है।'' इन अलौकिक पादुकाओं के दर्शन के लिए लाखों श्रद्धालुओं की अपार भीड़ उमड़ी, जहाँ भक्तों ने लंबी-लंबी कतारों में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार किया और पूरी श्रद्धा के साथ बाबा की पादुकाओं का पूजन कर आध्यात्मिक आशीर्वाद प्राप्त किया।
🪨 बागेश्वर धाम में स्थापित की गई हनुमान जी के अष्ट वीरों की तांत्रिक शिला
धाम पर चल रहे इन आयोजनों के दौरान श्रद्धा, अटूट भक्ति और उत्साह का एक अद्भुत संगम देखने को मिला। गुरु पूर्णिमा के इस विशेष अवसर पर सबसे पहले बाबा बागेश्वर ने स्वयं बागेश्वर बालाजी तथा अपने पूज्य गुरु सन्यासी बाबा के समाधि स्थल पर जाकर पादुका पूजन किया और आरती उतारकर आशीर्वाद लिया।
इसी दौरान गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर हनुमान जी के अष्ट वीरों की एक विशेष तांत्रिक शिला की स्थापना भी धाम में की गई। इस शिला की स्थापना प्रेतराज दरबार के पेड़ के समीप की गई है, जिसके दर्शन और पूजन की शुरुआत बुधवार से ही आम श्रद्धालुओं के लिए कर दी गई है।
🌳 पन्ना में गुरु पूर्णिमा के अवसर पर अनोखा 'अगस्त्य वन' पौधारोपण अभियान
अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस और गुरु पूर्णिमा के पावन संयोग पर बुधवार को पन्ना टाइगर रिजर्व में एक भव्य और अनूठा वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। दक्षिण पन्ना वन मंडल के सलेहा परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाली 40 हेक्टेयर क्षेत्र की वृक्षविहीन पहाड़ी पर विकसित किए गए 'अगस्त्य वन' का अंतिम पौधारोपण कर उसका भव्य लोकार्पण किया गया।
इस अवसर पर मुख्य वन संरक्षक नरेश सिंह यादव, वन मंडलाधिकारी (DFO) अनुपम शर्मा सहित वन विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। महर्षि अगस्त्य मुनि की पावन तपोभूमि पर आयोजित इस कार्यक्रम में रामायणकालीन धार्मिक और औषधीय महत्व रखने वाली प्रमुख वनस्पतियों का रोपण किया गया।
इस दौरान अगस्त, बेल, करढ़ाई, बेर, सीताफल, जामुन, कदंब, पीपल, बरगद, महुआ, शहतूत, धवा, अशोक, अमरूद, लोधा, पाकर और शमी सहित लगभग 250 विशेष पौधों का रोपण किया गया। इसके अलावा 'अगस्त्य वन' के संपूर्ण 40 हेक्टेयर क्षेत्र में कुल 35 हजार मिश्रित प्रजातियों के रामायणकालीन देशी पौधों को रोपे जाने का कार्य सफलतापूर्वक संपन्न किया गया।
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