कान्हा टाइगर रिजर्व में मनाया गया बाघ संरक्षण पखवाड़ा, वन्यजीवों के प्रति लोगों को किया गया जागरूक
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में बाघ के 3 शावकों का वीडियो वायरल हुआ है। वहीं नर्मदापुरम में अजगर के रेस्क्यू के दौरान सर्प मित्र के गले लिपट जाने से बड़ा हादसा टला।
नर्मदापुरम: मध्य प्रदेश के जंगलों और वन्यजीवों से जुड़ी कई रोमांचक घटनाएं इन दिनों लगातार सामने आ रही हैं। एक तरफ जहाँ बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में बाघ के शावकों कीकलकारियों और उनके अठखेलियों का वीडियो सोशल मीडिया पर धूम मचा रहा है, वहीं दूसरी तरफ नर्मदापुरम के तवानगर में एक विशालकाय अजगर के रेस्क्यू के दौरान एक बड़ा हादसा होते-होते बाल-बाल टल गया। इसके अलावा कान्हा टाइगर रिजर्व में विश्व बाघ दिवस के उपलक्ष्य में विशेष जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है।
🐅 बांधवगढ़ में सड़क पार करते दिखे बाघ के 3 शावक, वीडियो वायरल
मध्य प्रदेश के विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में एक बेहद रोमांचक और दुर्लभ नजारा देखने को मिला है। यहाँ पार्क के पारसी ताला रोड को पार करते हुए बाघ के 3 छोटे शावक अचानक पर्यटकों के कैमरे में कैद हो गए, जो इन दिनों सोशल मीडिया पर बहुत तेजी से सुर्खियां बटोर रहे हैं।
घटना की जानकारी देते हुए पर्यटक चेतन घारपूरे ने बताया कि, ''मैं बांधवगढ़ की तरफ जा रहा था, तभी अचानक मैंने देखा कि एक बाघ सड़क पार कर रहा है, जिसके बाद मैंने तुरंत अपना वाहन रोक लिया। कुछ ही पल बाद एकाएक तीन प्यारे शावक अपनी मस्त चाल में सड़क पार करते हुए जंगल के दूसरे हिस्से में चले गए।''
📸 रॉ बाघिन के बताए जा रहे हैं ये शावक, पर्यटकों में दिखा भारी उत्साह
अचानक सामने आए शावकों के इस मनमोहक दृश्य को देखकर वहाँ मौजूद सभी पर्यटक पूरी तरह रोमांचित हो उठे। इस दौरान पर्यटक चेतन घारपूरे ने इस खूबसूरत नजारे को अपने कैमरे में कैद कर लिया और इसे सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया।
यह वीडियो अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर काफी तेजी से शेयर किया जा रहा है और यूजर्स इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। वन्यजीव प्रेमियों का दावा है कि ये तीनों शावक प्रसिद्ध 'रॉ बाघिन' के हैं, जो अक्सर इस क्षेत्र में पर्यटकों को सड़क पार करते हुए दिखाई देती हैं।
🌿 कान्हा टाइगर रिजर्व में बाघ संरक्षण को लेकर चलाए गए जागरूकता कार्यक्रम
दूसरी ओर, मंडला जिले के प्रसिद्ध कान्हा टाइगर रिजर्व में 'विश्व बाघ दिवस' के अवसर पर विभिन्न प्रकार के जन-जागरूकता कार्यक्रमों की एक लंबी श्रृंखला आयोजित की गई है। इस दौरान बाघ संरक्षण के अत्यधिक महत्व को रेखांकित करते हुए एक विशेष 'बाघ संरक्षण पखवाड़ा' का आयोजन किया गया।
गत 14 जुलाई से 29 जुलाई तक चले इस पखवाड़े के दौरान समाज के हर वर्ग और स्तर के व्यक्तियों को वन्यजीवों के प्रति जागरूक करने का पूरा प्रयास किया गया, जिसमें शहर के युवाओं, बुजुर्गों और महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
🤝 वन्यजीव संरक्षण में आम नागरिकों की भागीदारी
आयोजित किए गए विभिन्न कार्यक्रमों के तहत 'बाघ संवाद' कार्यक्रम के माध्यम से स्कूलों में जाकर विद्यार्थियों को जागरूक किया गया। वहीं 'बघवा संगत' के जरिए समिति के हर आयु वर्ग के लोगों को जोड़ा गया।
शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में भव्य जागरूकता रैलियों का आयोजन करके लोगों के बीच वन्यजीव संरक्षण की अलख जगाई गई। इसके अलावा आम नागरिकों को 'कान्हा मित्र' और 'बाघिन दीदी' की उपाधि देकर उन्हें प्रत्यक्ष रूप से वन्यजीव संरक्षण कार्यों में सहभागी बनाया गया।
🐍 नर्मदापुरम में अजगर के रेस्क्यू के दौरान बाल-बाल बचा सर्प मित्र
मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले के अंतर्गत आने वाले तवानगर में 12 फीट लंबे एक विशाल अजगर के रेस्क्यू के दौरान एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान अचानक वह भारी-भरकम अजगर सर्प मित्र 'अरबाज' के गले में बुरी तरह लिपट गया और उसे कसकर जकड़ने लगा।
मौके पर मौजूद अन्य साथियों ने बिना एक पल गंवाए आनन-फानन में आगे बढ़कर अजगर को हटाया और किसी तरह युवक को सुरक्षित बाहर निकाला।
💪 टीम की सूझबूझ और तत्परता से बची सर्प मित्र की जान
प्राप्त जानकारी के अनुसार, तवानगर स्थित मेमन होटल के पास एक विशाल अजगर के होने की सूचना स्थानीय लोगों द्वारा सर्प मित्र अरबाज को दी गई थी। जैसे ही उन्हें घटना की सूचना मिली, अरबाज अपनी रेस्क्यू टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुँचे और अपना बचाव अभियान शुरू किया।
इसी दौरान अचानक अजगर ने पलटवार करते हुए उनके गले को अपने शरीर से जकड़ लिया, जिससे कुछ ही पलों में स्थिति बेहद तनावपूर्ण और खतरनाक हो गई। हालांकि, टीम के बाकी सदस्यों ने तुरंत सूझबूझ दिखाते हुए अजगर की पकड़ को ढीला किया और अरबाज को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
इसके बाद मूसलाधार बारिश के बीच रात करीब 9 बजे टीम ने उस अजगर को एक बोरी में सुरक्षित रखकर तवा नगर के घने जंगल में ले जाकर सकुशल छोड़ दिया। इस घटना पर बात करते हुए रेंजर अभिषेक शर्मा ने बताया कि, ''यह घटना चार से पांच दिन पुरानी है। रेस्क्यू के दौरान अजगर ने युवक के गले को जकड़ लिया था, लेकिन समय रहते साथियों ने तुरंत हस्तक्षेप कर उसे छुड़ा लिया। अजगर वैसे जहरीला नहीं होता है, लेकिन उसकी मांसपेशियों की पकड़ बेहद मजबूत होती है। यदि वह किसी इंसान को पूरी तरह से जकड़ ले, तो गंभीर चोट लगने या जान का खतरा भी पैदा हो सकता है।''
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