मध्य प्रदेश सरकार के आश्वासन के बाद समाप्त हुआ किसानों का आंदोलन, 100 प्रतिशत मूंग खरीदी की थी मांग
भोपाल में मूंग खरीदी की मांग को लेकर किसानों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान एसीपी मोनिका शुक्ला द्वारा बस रोकने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मूंग उत्पादक किसानों का गुस्सा आखिरकार सड़कों पर फूट पड़ा। किसान फसल की सरकारी खरीदी पूरी मात्रा में न होने के कारण सरकार से खासे नाराज थे और उन्होंने इसके खिलाफ जोरदार आंदोलन छेड़ दिया था। इसी कड़ी में नर्मदापुरम क्षेत्र के सैकड़ों किसान सेठानी घाट से लंबी पदयात्रा करते हुए सीधे भोपाल तक जा पहुँचे। इन किसानों की मुख्य मांग थी कि राजधानी में मुख्यमंत्री आवास तक जाकर सरकार के सामने अपनी बात रखी जाए और मूंग की 100 प्रतिशत खरीदी का आदेश लागू करवाया जाए।
🚌 किसानों को रोकने के लिए खड़ी की गई बसों पर चढ़े प्रदर्शनकारी
बुधवार के दिन प्रदर्शनकारी किसानों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस प्रशासन ने भारी संख्या में बसें खड़ी करवा दी थीं। लेकिन आक्रोशित किसान उन बसों पर ही चढ़ गए और नारेबाजी करते हुए उन्हें धक्का देकर आगे बढ़ाने का प्रयास करने लगे।
स्थिति को अपने नियंत्रण से बाहर होता देख मौके पर मौजूद असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (ACP) मोनिका शुक्ला बिना एक पल गंवाए तुरंत बस के ठीक आगे हाथ फैलाकर चट्टान की तरह खड़ी हो गईं और उन्होंने अपने हाथों से ही बस को रोकने की कोशिश शुरू कर दी। उनका यह साहसिक और अनोखा वीडियो अब सोशल मीडिया पर बहुत तेजी से सर्कुलेट हो रहा है, जिसकी चर्चा पूरे पुलिस विभाग और आम जनता के बीच जोरों पर है।
🛑 एसीपी मोनिका शुक्ला के इस साहस से टला बड़ा प्रशासनिक संकट
प्रदर्शनकारी किसान लगातार आगे बढ़ते हुए मुख्यमंत्री आवास की तरफ कूच कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने रास्ते में लगाई गई पुलिस की बैरिकेडिंग को भी हटा दिया था।
परिस्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने कई बड़ी बसों को सड़क पर आड़ी-तिरछी लाइन में खड़ा करके एक मजबूत बैरिकेड बना दिया था। इसके बावजूद कुछ उत्साही किसान बस पर चढ़ गए और कुछ लोग नीचे से बस को धक्का देकर रास्ते से हटाने लगे। जैसे ही बस आगे बढ़ने लगी, एसीपी मोनिका शुक्ला तुरंत दौड़कर बस के सामने आ डटीं। उन्होंने अपने दोनों हाथों से बस को रोकने का प्रयास किया। एक महिला पुलिस अधिकारी को इस तरह अड़ग होकर सामने खड़ा देख प्रदर्शनकारी किसानों ने सूझबूझ दिखाई और बस को वहीं रोक दिया।
🌾 सरकार के साथ सकारात्मक आश्वासन के बाद आखिरकार खत्म हुआ आंदोलन
आपको बता दें कि भोपाल में 'किसान मोर्चा' के बैनर तले किसानों ने मंगलवार से ही इस बड़े आंदोलन की शुरुआत कर दी थी। किसानों की मुख्य मांगों में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर 100 फीसदी मूंग की खरीदी, खाद वितरण के लिए बनाई गई ई-टोकन व्यवस्था में सुधार करना और समय पर उचित दरों पर किसानों को खाद उपलब्ध कराना शामिल था।
नर्मदापुरम और आसपास के अन्य जिलों से पैदल मार्च करते हुए ये किसान मंगलवार को ही भोपाल पहुँच गए थे और उन्होंने शहर के वीर सावरकर सेतु के पास अपना डेरा डाल दिया था। किसानों ने सीएम हाउस का घेराव करने की चेतावनी दी थी, जिसके बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया था। हालांकि, अंत में राज्य सरकार के जिम्मेदार मंत्रियों और अधिकारियों से मिले सकारात्मक आश्वासन के बाद बुधवार देर रात किसानों ने अपना यह आंदोलन आधिकारिक रूप से समाप्त कर दिया है।
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