रतलाम कोर्ट का कलयुगी मां को सख्त फैसला, पानी की टंकी में डुबोकर की थी मासूम बच्चों की हत्या
रतलाम में पति से विवाद के बाद 4 महीने के जुड़वा बच्चों को पानी की टंकी में डुबोकर मारने वाली मां को अदालत ने दोहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
रतलाम: पति के साथ हुए मामूली विवाद के बाद अपने ही 4 महीने के मासूम जुड़वा बच्चों को पानी की टंकी में डुबोकर हत्या करने के चर्चित मामले में आखिरकार अदालत ने एक कड़ा और ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अपर सत्र न्यायाधीश निर्मल मंडोरिया की अदालत ने शुक्रवार को दोनों बच्चों के सनसनीखेज हत्याकांड में उनकी कलयुगी मां को दोहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही, घटना के बाद पुलिस को गुमराह करने और सबूत मिटाने के प्रयास में संलिप्त पाए जाने पर मृत बच्चों के पिता को भी 3 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है।
⚰️ संदेह होने पर दोनों मासूमों के शवों को कब्र से निकालकर कराया गया था पोस्टमार्टम
यह पूरी घटना 20 नवंबर 2024 की है, जब रतलाम के मदीना मस्जिद क्षेत्र के रहने वाले आमिर कुरैशी के चार महीने के जुड़वा बच्चों की संदिग्ध परिस्थितियों में घर के ऊपर रखी पानी की टंकी में डूबने से मौत हो गई थी।
घटना के तुरंत बाद परिजनों ने बिना पुलिस को किसी प्रकार की सूचना दिए ही दोनों मासूम बच्चों के शवों को चुपचाप कब्रिस्तान में दफना दिया था। लेकिन जब माणक चौक थाना पुलिस को इस बात की भनक लगी कि मदीना कॉलोनी क्षेत्र में चार माह के जुड़वा भाई-बहन की घर की पानी की टंकी में डूबने से संदिग्ध मौत हुई है, तो मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने प्रशासनिक अनुमति ली। इसके बाद एसडीएम के आदेश पर दोनों बच्चों के शवों को कब्र से बाहर निकलवाकर उनका वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमार्टम कराया गया, जिसकी रिपोर्ट में बच्चों की मौत पानी में डूबने (दम घुटने) से होने की पुष्टि हुई थी।
⚖️ कलयुगी मां मुस्कान को कोर्ट ने सुनाई दोहरे आजीवन कारावास की सजा
पुलिस द्वारा की गई गहन जांच-पड़ताल और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर यह बात सामने आई कि बच्चों की अपनी ही मां मुस्कान उर्फ पम्मी कुरैशी ने बेरहमी से पानी में डुबोकर हत्या की थी। इस खौफनाक वारदात के पीछे की मुख्य वजह पति-पत्नी के बीच हुआ आपसी विवाद और कलह थी, जिसके चलते गुस्से में आकर मां ने मासूम बच्चों को पानी की टंकी में फेंक दिया था।
जिला न्यायालय में पैरवी कर रहे अतिरिक्त लोक अभियोजक संजीव सिंह चौहान ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि, ''माननीय न्यायालय ने आरोपी मुस्कान उर्फ पम्मी कुरैशी और उसके पति आमिर कुरैशी को इस मामले में दोषी करार दिया है। कोर्ट ने अपने फैसले में जुड़वा बच्चों की हत्या करने वाली उनकी मां को दोहरे आजीवन कारावास (Double Life Imprisonment) की सजा सुनाई है।''
🔒 सबूत मिटाने और पुलिस को गुमराह करने पर पिता को भी मिली सजा
अतिरिक्त लोक अभियोजक ने आगे बताया कि, ''दूसरी ओर, मृतका की मां के पति यानी बच्चों के पिता आमिर को पूरे मामले को दबाने, पुलिस को गुमराह करने और साक्ष्यों को नष्ट (सबूत मिटाने) के प्रयास में दोषी पाया गया।''
न्यायालय ने उसे दोषी करार देते हुए 3 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इस पूरे मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष के सामने तब बड़ी चुनौती आई जब मुकदमे के कुल 16 गवाह अपने बयानों से मुकर गए (हॉस्टाइल हो गए), लेकिन इसके बावजूद अदालत ने पुलिस द्वारा जुटाए गए मजबूत परिस्थितिजन्य और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों को कड़ी सजा सुनाई।
💔 पति से अनबन के बाद रची गई थी साजिश, ऐसे खुला था राज
पुलिस पूछताछ में इस पूरे जघन्य हत्याकांड की परतें खुलीं। आरोपी मां मुस्कान ने पुलिस को पूछताछ में स्वीकार किया कि घटना वाले दिन उसका अपने पति के साथ किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इसी बात से नाराज होकर उसने घर पर अकेले होने का पूरा फायदा उठाया और अपने दोनों मासूम बच्चों को उठाकर पानी की टंकी के हवाले कर दिया।
इसके बाद उसने पति को घबराहट में फोन कर यह झूठी कहानी सुनाई कि बच्चे घर में मिल नहीं रहे हैं। घर पहुँचकर जब आमिर ने बच्चों की तलाश की, तो दोनों मासूमों के शव पानी की टंकी के अंदर तैरते हुए मिले थे। अंततः पुलिस की पैनी जांच और अदालत के कड़े फैसले से इस अंधेरगर्दी का पर्दाफाश हो गया और दोषियों को उनके किए की सजा मिल गई।
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