सागर की बेटी यामिनी मौर्य ने जूडो में जीता रजत पदक, ग्लासगो में रोशन किया भारत का नाम

स्कॉटलैंड के ग्लासगो में चल रही कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में सागर की जूडो खिलाड़ी यामिनी मौर्य ने 57 किग्रा वर्ग में रजत पदक जीता है। जानिए पूरी खबर।

Aug 01, 2026 - 17:07
0
सागर की बेटी यामिनी मौर्य ने जूडो में जीता रजत पदक, ग्लासगो में रोशन किया भारत का नाम

सागर : मध्य प्रदेश के सागर शहर की खेल प्रतिभाएं अब राष्ट्रीय पटल के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी अद्भुत प्रतिभा का परचम लहरा रही हैं। इसी कड़ी में सागर के पुराने सदर इलाके की रहने वाली प्रतिभावान खिलाड़ी यामिनी मौर्य ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ प्रतियोगिता 2026 में जूडो मुकाबले में देश के लिए रजत पदक (सिल्वर मेडल) अपने नाम किया है। हालांकि, यामिनी को इस बात का पूरा भरोसा था कि वे देश के लिए स्वर्ण पदक ही जीतकर लाएंगी, और उन्होंने मैच से पहले अपने कोच से गोल्ड मेडल जीतने का वादा भी किया था। लेकिन, फाइनल मुकाबले में कड़े संघर्ष के बाद हार मिलने के कारण यामिनी को रजत पदक से ही संतोष करना पड़ा। उनकी इस ऐतिहासिक सफलता के बाद से पूरे शहर और देश भर से बधाइयों का तांता लगा हुआ है।

🥈 फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड की एसेलिया से कड़े संघर्ष के बाद हारीं यामिनी

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के तहत ग्लासगो में खेली जा रही इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में सागर की जूडो खिलाड़ी यामिनी मौर्य ने भारतीय दल का प्रतिनिधित्व करते हुए महिला वर्ग के 57 किलोग्राम भार वर्ग में यह रजत पदक हासिल किया है।

शुक्रवार को खेले गए खिताबी (फाइनल) मुकाबले में यामिनी मौर्य का मुकाबला इंग्लैंड की मजबूत खिलाड़ी एसेलिया टोपराक के साथ हुआ। यह मुकाबला बेहद रोमांचक और कड़ा रहा, जिसमें यामिनी ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया, लेकिन अंत में वे जीत हासिल करने से चूक गईं और उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा। उनकी इस शानदार जीत और अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि पर सागर के स्थानीय खिलाड़ियों और तमाम खेलप्रेमियों में गजब का उत्साह और जश्न का माहौल है।

📞 कोच से बात कर जताई निराशा, लेकिन कोच ने बढ़ाया हौसला

मैच के तुरंत बाद यामिनी मौर्य ने अपने स्थानीय कोच दीपक कुमार से फोन पर बातचीत की। इस दौरान उन्होंने गोल्ड मेडल न जीत पाने पर अपनी थोड़ी सी निराशा भी जाहिर की।

हालाँकि, उनके कोच ने यामिनी के इस शानदार प्रदर्शन की जमकर सराहना की और उनकी पीठ थपथपाते हुए उनका मनोबल बढ़ाया। कोच ने उन्हें भविष्य की आगामी प्रतियोगिताओं के लिए और अधिक मेहनत से तैयारी करने तथा पूरे आत्मविश्वास के साथ खेलने की सलाह दी। आपको बता दें कि यामिनी मौर्य ने जीवन में काफी संघर्षों और मुश्किलों का सामना करते हुए जूडो खेल की शुरुआत की थी, और अपनी कड़ी मेहनत के दम पर वे भारतीय जूडो टीम का हिस्सा बनीं। उन्होंने अपनी इस सफलता से न केवल सागर बल्कि पूरे देश का सिर गर्व से ऊँचा कर दिया है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User