छिंदवाड़ा के लाल ने देश के लिए निभाई अहम जिम्मेदारी, ऑपरेशन सिंदूर में भी रहे शामिल, जोरदार अभिनंदन

भारतीय सेना में 24 साल की गौरवशाली सेवा पूरी कर सेवानिवृत्त हुए सूबेदार भास्कर स्वामी का उनके पैतृक गांव छिंदवाड़ा में भव्य स्वागत किया गया है।

Aug 02, 2026 - 12:58
0
छिंदवाड़ा के लाल ने देश के लिए निभाई अहम जिम्मेदारी, ऑपरेशन सिंदूर में भी रहे शामिल, जोरदार अभिनंदन

छिंदवाड़ा: भारतीय सेना में लगभग 24 वर्षों की एक लंबी और अत्यंत गौरवशाली सेवा पूरी करने के बाद सेवानिवृत्त होकर जब सूबेदार भास्कर स्वामी अपने पैतृक गांव बिठवाना पहुँचे, तो स्थानीय ग्रामीणों ने उनका बेहद भव्य और ऐतिहासिक स्वागत किया। जगह-जगह फूल-मालाओं की वर्षा और ढोल-नगाड़ों की गूंज के साथ उनका अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया। ढोल-नगाड़ों की थाप पर थिरकते हुए युवाओं ने भारत माता के जयकारे लगाकर पूरे माहौल को देशभक्ति के रंग में रंग दिया।

🎖️ सेवानिवृत्त होकर पैतृक गांव पहुंचे फौजी सूबेदार भास्कर स्वामी का भव्य स्वागत

मूल रूप से छिंदवाड़ा के लालबाग क्षेत्र के निवासी सूबेदार भास्कर स्वामी ने 4 जुलाई 2002 को भारतीय सेना में एक सामान्य जवान के रूप में अपनी सैनिक यात्रा की शुरुआत की थी।

अपनी सेवा अवधि को पूरी निष्ठा के साथ पूरा करने के बाद वे 31 जुलाई को सेवानिवृत्त हुए और शनिवार को जब वे अपने पैतृक गांव पहुँचे, तो वहाँ पहले से मौजूद ग्रामीणों ने उनका जोरदार स्वागत किया और देश के इस वीर सपूत का अभिनंदन कर गर्व महसूस किया।

🛡️ देश के अत्यंत संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में निभाई राष्ट्र की सुरक्षा की जिम्मेदारी

सूबेदार भास्कर के करीबी मित्र दुर्गेश गौनेकर ने जानकारी देते हुए बताया कि, "भारतीय सेना की प्रसिद्ध राजपूत रेजिमेंट (द पागल पलटन) के अंतर्गत नायब सूबेदार के पद पर भास्कर स्वामी ने अपनी सेवाएं दी हैं। 31 जुलाई को सेवानिवृत्त होकर वे छिंदवाड़ा लौटे हैं।"

उन्होंने बताया कि 4 जुलाई 2002 को सेना में भर्ती होने के बाद भास्कर स्वामी ने अपने लंबे सेवा काल के दौरान देश के कई अति संवेदनशील, दुर्गम और चुनौतीपूर्ण बॉर्डर एरिया में रहकर राष्ट्र की सुरक्षा की बड़ी जिम्मेदारी पूरी मुस्तैदी से निभाई है।

🗺️ देश के अलग-अलग हिस्सों में दी सेवाएं, 'ऑपरेशन सिंदूर' में भी निभाई अहम भूमिका

सूबेदार भास्कर स्वामी के सेवा इतिहास पर नजर डालें तो वे देश के विभिन्न रणनीतिक ठिकानों पर तैनात रहे हैं:

  • वर्ष 2003 से 2006 तक वे श्रीनगर और डोडा जैसे संवेदनशील इलाकों में तैनात रहे।

  • वर्ष 2006 से 2007 तक उन्होंने पंजाब के गुरदासपुर में अपनी सेवाएं दीं।

  • वर्ष 2007 से 2009 तक अरुणाचल प्रदेश में चीन सीमा से सटे तवांग क्षेत्र में मोर्चा संभाला।

  • वर्ष 2009 से 2011 तक जयपुर, 2011 से 2015 तक लखनऊ, 2016 से 2020 तक जम्मू तथा 2021 से 2024 तक प्रयागराज में राष्ट्र की सेवा की।

  • इसके अलावा वर्ष 2024 से 2026 तक उन्होंने जम्मू-कश्मीर के राजौरी एलओसी (LoC) पर अपनी सेवाएं प्रदान कीं।

मित्र दुर्गेश ने बताया कि पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद जब भारत सरकार द्वारा 'ऑपरेशन सिंदूर' चलाया गया था, जिसके तहत दुश्मनों को करारा जवाब दिया गया था, उस विशेष ऑपरेशन की टीम में भी सूबेदार भास्कर स्वामी ने बेहद अहम भूमिका निभाई थी। इसके अलावा सेवाकाल के दौरान कई बार उनका आमना-सामना आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में भी हुआ था।

🇮🇳 "मेरा दिल आज भी भारत माता की सेवा के लिए पूरी तरह तैयार है"

सेना से सेवानिवृत्ति के बाद अपने गांव पहुँचे सूबेदार भास्कर स्वामी ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि, "भले ही मैं सरकारी और प्रशासनिक नियमों के अनुसार भारतीय सेना से आधिकारिक रूप से रिटायर हो चुका हूँ, लेकिन मेरा दिल और जज्बा आज भी पूरी तरह से भारत माता की सेवा के लिए समर्पित है।"

उन्होंने आगे कहा कि वे छिंदवाड़ा में रहकर ही अलग-अलग रचनात्मक और सामाजिक माध्यमों से देश की सेवा करेंगे तथा जनहित के कार्यों में अपने जीवन का आगामी समय लगाएंगे। उन्होंने गर्व के साथ कहा कि यदि भविष्य में कभी भी देश को जरूरत पड़ी, तो वे मां भारती की रक्षा के लिए अपना सब कुछ त्यागने को हमेशा तैयार रहेंगे।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User