Pandhurna News: पांढुर्णा में बना देश का सबसे बड़ा 'सीड बॉल', नीरज वानखड़े का नाम 'इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड' में दर्ज

मध्य प्रदेश के पांढुर्णा में नीरज वानखड़े ने बनाया देश का सबसे बड़ा 'सीड बॉल'। 13 किलो वजनी इस गोले में भरे हैं 108 सीताफल के बीज। पर्यावरण की अनूठी पहल।

Jun 20, 2026 - 09:37
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Pandhurna News: पांढुर्णा में बना देश का सबसे बड़ा 'सीड बॉल', नीरज वानखड़े का नाम 'इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड' में दर्ज

पांढुर्णा। मध्य प्रदेश के पांढुर्णा में 'वॉटर हीरो' के नाम से प्रसिद्ध नीरज वानखड़े ने एक बार फिर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। उन्होंने 108 सीताफल के बीजों को एक साथ भरकर देश का सबसे बड़ा 'सीड बॉल' तैयार किया है, जिसे 'इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड' में आधिकारिक तौर पर स्थान मिला है। यह विशाल सीड बॉल करीब 13 किलो वजनी है और इसकी गोलाई व लंबाई 30 इंच है।

🌍 पर्यावरण संरक्षण के लिए अनूठा संकल्प

नीरज वानखड़े का मानना है कि 'सीड्स बॉल' केवल मिट्टी का गोला नहीं, बल्कि भविष्य के हरित भारत का आधार है। वृक्षारोपण के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए वे वर्षों से हजारों सीड्स बॉल तैयार कर जंगलों, पहाड़ियों और बंजर भूमि पर फेंक रहे हैं ताकि प्रकृति खुद नई हरियाली का निर्माण कर सके। उन्होंने इस बार कुल 55,000 सीड्स बॉल बनाने का लक्ष्य पूरा किया है, जिनमें 50,000 सीताफल और 5,000 बिहाड़ा व रीठा के बीज शामिल हैं।

🐒 जैव विविधता और रोजगार का नया अवसर

इस पहल के पीछे नीरज का उद्देश्य केवल पेड़ लगाना नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना भी है। उन्होंने बताया कि भविष्य में जब ये सीताफल के वृक्ष फल देंगे, तो स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। साथ ही, जंगलों में रहने वाले पक्षियों, बंदरों, गिलहरियों और अन्य वन्य जीवों को प्राकृतिक भोजन उपलब्ध होगा, जिससे जैव विविधता को बढ़ावा मिलेगा और वन क्षेत्र अधिक समृद्ध बनेंगे।

🏆 'वॉटर हीरो' सम्मान और निरंतर समाज सेवा

नीरज वानखड़े वृक्षारोपण के साथ-साथ जल संरक्षण के क्षेत्र में भी वर्षों से सक्रिय हैं। उनके कार्यों को देखते हुए भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय ने उन्हें 'वॉटर हीरो' के सम्मान से नवाजा है। इसके अलावा उन्हें 'जल प्रहरी अवार्ड' और अन्य कई राष्ट्रीय सम्मान मिल चुके हैं। जल संरक्षण की तकनीकों जैसे वेस्ट वॉटर हार्वेस्टिंग और बोर रिचार्ज को बढ़ावा देने के अलावा, उन्होंने कोरोना काल में 65,000 मास्क निःशुल्क वितरित किए थे और देश का सबसे लंबा फेस मास्क बनाकर भी इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया था।

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