Damoh News: गेहूं में डाली गई जहरीली दवा (सल्फास) पड़ी भारी, दम घुटने से 5 साल के बच्चे की मौत; 3 की हालत गंभीर
दमोह के हिंडोरिया में सल्फास युक्त गेहूं की दुर्गंध से 5 साल के बच्चे की मौत, तीन बच्चे अस्पताल में भर्ती। क्या हम ऐसी घटनाओं से सबक ले रहे हैं?
दमोह। जिले के हिंडोरिया थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ गेहूं को सुरक्षित रखने के लिए इस्तेमाल की गई जहरीली दवा (सल्फास) की दुर्गंध ने एक 5 साल के मासूम की जान ले ली। इस हादसे में तीन अन्य बच्चे भी गंभीर रूप से बीमार हो गए, जिन्हें उपचार के लिए दमोह जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एक महीने के भीतर जिले में इस तरह की यह दूसरी घटना है।
🏥 एक ही कमरे में सो रहे थे चार बच्चे
जिला अस्पताल के ड्यूटी डॉक्टर मधुर चौधरी ने बताया कि हिंडोरिया थाना क्षेत्र के आनू ग्राम से चार बच्चों को अस्पताल लाया गया था। मृतक बच्चे की पहचान धर्मेंद्र (5 वर्ष) के रूप में हुई है, जबकि उसके तीन भाई-बहन रीना (3 वर्ष), दिनेश (7 वर्ष) और दीपक (9 वर्ष) की हालत अभी भी गंभीर है। परिजनों का कहना है कि गेहूं को खराब होने से बचाने के लिए उसमें कल ही सल्फास डाली गई थी, और उसी कमरे में बच्चे रात को सो गए थे। दवा की तेज गंध के कारण कमरे में जहरीली हवा फैल गई और बच्चों की तबीयत बिगड़ गई।
📉 सबक नहीं ले रहे ग्रामीण: महीने भर में दूसरा बड़ा हादसा
यह लापरवाही भरी स्थिति दमोह जिले के लिए चिंता का विषय बन गई है। करीब डेढ़ महीने पहले पथरिया थाना क्षेत्र के ग्राम जेरठ में भी ठीक ऐसी ही घटना हुई थी, जिसमें दो बच्चों और एक महिला की मौत हो गई थी। उस घटना के बाद जिला प्रशासन ने सल्फास युक्त अनाज को घर से दूर सुरक्षित स्थानों पर रखने के निर्देश दिए थे, लेकिन उसके बावजूद लोग अभी भी असुरक्षित तरीके से गेहूं का भंडारण कर रहे हैं।
⚖️ पुलिस की जांच और कार्रवाई
हिंडोरिया थाना प्रभारी धर्मेंद्र उपाध्याय ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अस्पताल पहुँची और मृत बच्चे का पंचनामा तैयार कर मामले को जांच में लिया है। पुलिस अब इस बात की पड़ताल कर रही है कि क्या भंडारण में नियमों की अनदेखी हुई थी। यह घटना सभी के लिए एक गंभीर चेतावनी है कि अनाज सुरक्षित करने के चक्कर में किसी की जान जोखिम में न डालें।
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