Mystery in Ujjain: लापता साधु को ढूँढने पहुँचा भाई, तो पता चला हो चुकी है मौत; अब होगा पोस्टमार्टम
उज्जैन में लापता साधु की खोज में पहुंचे भाई को मिली मौत की खबर। मंगलनाथ क्षेत्र में गुपचुप दी गई समाधि, पुलिस ने शव को निकलवाकर पीएम के लिए भेजा।
उज्जैन। उज्जैन के मंगलनाथ मंदिर क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जावरा निवासी एक व्यक्ति अपने लापता भाई, जो कि एक साधु था, की तलाश करते हुए उज्जैन पहुँचा, तो उसे बताया गया कि उसके भाई की मौत हो चुकी है और उसे यहाँ 'समाधि' दे दी गई है। इस जानकारी के बाद हड़कंप मच गया और मामला पुलिस तक पहुँचा।
📱 10 जून के बाद से बंद था मोबाइल
पुलिस के अनुसार, गंगेश्वर गिरी उर्फ सुनील जोशी, जो मूलतः जावरा का निवासी था, वर्ष 2010 में दीक्षा लेने के बाद साधु बन गया था। उसके भाई अनिल जोशी ने बताया कि 10 जून को उसकी अंतिम बार मोबाइल पर बात हुई थी। इसके बाद से ही मोबाइल बंद था और गंगेश्वर गिरी लापता था। अनिल ने चिमनगंज थाना पुलिस में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी।
🪦 लोगों ने बताई मौत की खबर
तलाश के दौरान जब अनिल ने मंगलनाथ मंदिर के पास फूल-प्रसाद विक्रेताओं को अपने भाई की फोटो दिखाई, तो लोगों ने बताया कि गंगेश्वर गिरी की मृत्यु हो चुकी है और उसे 'मलानी बाबा की कुटिया' के पास समाधि दे दी गई है। यह सुनकर अनिल के पैरों तले जमीन खिसक गई। उसने तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी।
⚖️ पुलिस की कार्रवाई: कब्र खोदकर निकाला शव
शुक्रवार को पुलिस ने घटना को गंभीरता से लेते हुए कानूनी प्रक्रिया पूरी की और समाधि को खोदकर शव को बाहर निकाला। चिमनगंज पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है। शनिवार को होने वाले पोस्टमार्टम से ही साधु की मौत के सही कारणों का पता चल पाएगा। पुलिस अब इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है कि आखिर किसकी अनुमति से और किन परिस्थितियों में साधु को गुपचुप तरीके से समाधि दी गई।
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