Karahal News: पटवारी के कारनामे से हड़कंप, वैध किसानों के नाम हटाकर दूसरों के नाम चढ़ाए; प्रशासन सख्त
श्योपुर के कराहल में पटवारी चंद्रकांत सोनी ने की राजस्व रिकॉर्ड में हेराफेरी। किसानों के नाम हटाकर दूसरे लोगों के नाम चढ़ाए। पटवारी निलंबित, FIR के निर्देश।
श्योपुर। कराहल तहसील में एक पटवारी द्वारा राजस्व रिकॉर्ड में की गई धांधली ने पूरे प्रशासन को हिलाकर रख दिया है। हल्का नंबर 10 गोठरा के तत्कालीन पटवारी चंद्रकांत सोनी पर आरोप है कि उसने अपनी सरकारी आईडी का दुरुपयोग करते हुए राजस्व रिकॉर्ड के साथ बड़ा खेल किया। इस हेराफेरी के चलते असली किसानों के नाम रिकॉर्ड से गायब हो गए और उनकी जगह अन्य व्यक्तियों के नाम दर्ज कर दिए गए। मामला संज्ञान में आते ही अनुविभागीय अधिकारी (SDM) बीएस श्रीवास्तव ने कठोर कदम उठाते हुए पटवारी को निलंबित कर दिया है।
21 सर्वे नंबरों में की गई हेराफेरी
जांच में सामने आया है कि ग्राम गोठरा के 21 सर्वे नंबरों के रिकॉर्ड में वर्ष 2024-25 तक दर्ज वैध किसानों (मुख्यतः आदिवासी और पटेलिया समाज) के नाम, बिना किसी वैध सरकारी आदेश के हटा दिए गए थे। पटवारी ने 2 फरवरी 2026 से 2 मार्च 2026 के बीच अपनी डिजिटल आईडी का उपयोग करके सिस्टम में अस्पष्ट आदेश अपलोड किए और भूमि की श्रेणी 'अहस्तांतरणीय' से बदलकर 'भूमि स्वामी' कर दी, जो कि एक गंभीर अपराध है।
प्रशासन के आदेश पर नाम हटाने की प्रक्रिया
एसडीएम बीएस श्रीवास्तव ने 8 जून 2026 को इस संबंध में सख्त आदेश जारी किए। आदेश के अनुसार, ग्राम गोठरा के सर्वे क्रमांक 736/6, 736/7, 736/10, 736/12, 736/13, 736/14 और 736/15 से अवैध नामों को हटाकर वर्ष 2024-25 के असली काश्तकारों के नाम पुनः दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
पटवारी पर FIR की तैयारी
एसडीएम बीएस श्रीवास्तव ने इस पूरे मामले को एक सोची-समझी रणनीति के तहत की गई जालसाजी बताया है। उन्होंने गोरस तहसीलदार को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आरोपी पटवारी चंद्रकांत सोनी के खिलाफ पुलिस में तत्काल प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई जाए। इस कार्रवाई ने क्षेत्र के भ्रष्ट अधिकारियों में हड़कंप मचा दिया है और प्रशासन अब इस बात की जांच कर रहा है कि इस खेल में और कौन-कौन शामिल था।
What's Your Reaction?