पहाड़ियों से गिरते झरने और लबालब कुंडों से बदला मंदिर का स्वरूप, उमड़े श्रद्धालु
छतरपुर के प्रसिद्ध जटाशंकर धाम में भारी बारिश के बाद गोमुख से शिवलिंग पर प्राकृतिक जलाभिषेक हो रहा है। कुंड लबालब हैं और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है।
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में लगातार मूसलाधार बारिश के बाद प्रसिद्ध धार्मिक स्थल जटाशंकर धाम में प्रकृति और आस्था का एक बेहद अनूठा और मनमोहक दृश्य देखने को मिल रहा है। क्षेत्र की तीनों पहाड़ियों से उतरती मूसलाधार जलधाराओं और गोमुख से निरंतर बह रहे पानी ने पूरे मंदिर परिसर के स्वरूप को पूरी तरह बदल दिया है। गोमुख से तेज बहाव के साथ निकल रही जलधारा सीधे भगवान भोलेनाथ के शिवलिंग पर गिर रही है, जिसे दूर-दराज से पहुँच रहे श्रद्धालु शिव का स्वयं अपनी प्रकृति द्वारा किया जा रहा प्राकृतिक जलाभिषेक मानकर निहाल हो रहे हैं।
⛰️ पहाड़ियों से गिरते झरने और चारों ओर हरियाली, श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र
बारिश के चलते जटाशंकर धाम की सूखी पहाड़ियां जीवंत झरनों में तब्दील हो चुकी हैं। पहाड़ियों से नीचे उतरता पानी सीढ़ियों और मंदिर परिसर के चारों तरफ से बहते हुए पवित्र कुंडों तक पहुँच रहा है। इसके प्रभाव से मंदिर के तीनों कुंड पानी से लबालब भर चुके हैं। चारों तरफ फैली सघन हरियाली और ऊंचे शिखरों से नीचे गिरती जलधाराओं के बीच इस धाम का अलौकिक नजारा देखते ही बनता है। गोमुख से सीधे शिवलिंग पर गिरती इस जलधारा को देखकर भक्त मंत्रमुग्ध हैं और इस अद्भुत पल को अपने मोबाइल कैमरों में कैद करने से नहीं चूक रहे हैं।
⚠️ नदी का बढ़ा जलस्तर और फिसलन: प्रशासन ने श्रद्धालुओं से की सावधानी बरतने की अपील
लगातार जारी बारिश की वजह से मंदिर परिसर के कई हिस्सों में पानी भर गया है, और पास से गुजरने वाली नदी का जलस्तर भी काफी बढ़ चुका है। सीढ़ियों पर पानी का लगातार तेज बहाव होने के कारण कई स्थानों पर फिसलन की स्थिति बन गई है, जिससे दुर्घटना का खतरा भी बढ़ गया है। इसे ध्यान में रखते हुए स्थानीय प्रशासन ने धाम में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों से पूरी सावधानी बरतने की अपील की है। लोगों को सख्त सलाह दी गई है कि वे उफनती नदी के किनारे और तेज जलप्रवाह वाले क्षेत्रों के आसपास जाने से बचें और सुरक्षित रहकर ही दर्शन का लाभ लें।
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