आजादी के 80 साल बाद भी अंधेरे में जीने को मजबूर ग्रामीण, 12 साल से बिजली गुल

बालाघाट के आदिवासी बहुल दुगलई गांव में 12 साल से बिजली नहीं है। ग्रामीण टॉर्च के सहारे जीवन बिता रहे हैं, प्रशासन ने जल्द सुधार का आश्वासन दिया है।

Sep 05, 2026 - 14:05
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आजादी के 80 साल बाद भी अंधेरे में जीने को मजबूर ग्रामीण, 12 साल से बिजली गुल

मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के आदिवासी बहुल क्षेत्र से एक बेहद निराशाजनक तस्वीर सामने आई है, जहाँ आजादी के इतने बरस बाद भी लोग बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। जनप्रतिनिधियों की उदासीनता और विभागीय लापरवाही के चलते आज भी भोले-भाले आदिवासियों तक बिजली जैसी मूलभूत सुविधा नहीं पहुँच पाई है। ग्रामीणों द्वारा कई बार लिखित आवेदन देने और अधिकारियों का ध्यानाकर्षण कराने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। आलम यह है कि पिछले 12 वर्षों से दुगलई गांव में बिजली व्यवस्था पूरी तरह ठप पड़ी है और लोग अंधेरे में अपना जीवन बिताने को मजबूर हैं।

🌲 घने जंगलों के बीच बसा है दुगलई गांव, खंभे होने के बावजूद घरों तक नहीं पहुंच रहा करंट

आदिवासी बहुल बैहर क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत बिठली से लगभग 17 किलोमीटर दूर घने जंगलों के बीच दुगलई गांव बसा है। यहाँ लगभग 34 मकान हैं और करीब 450 लोगों की आबादी निवास करती है। गांव में कहने के लिए बिजली के खंभे तो खड़े किए गए हैं, लेकिन तारों के अभाव और विभागीय अनदेखी के चलते घरों तक करंट नहीं पहुँच रहा है। स्थिति यह है कि कई जगहों पर खंभे उखड़कर नीचे गिर चुके हैं और तार भी टूट चुके हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ भी अधिकांश ग्रामीणों को नहीं मिल पाया है, जिसके कारण लोग आज भी झोपड़ियों में रहने को विवश हैं और अपनी आजीविका के लिए पूरी तरह वनोपज पर निर्भर हैं।

🔦 बच्चों की पढ़ाई प्रभावित, जंगली इलाकों में खतरनाक जीवों के साए में कट रही रातें

बिजली न होने के कारण ग्रामीणों को रोजमर्रा के कार्यों में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। स्थानीय निवासी ज्ञानसिंह ने बताया कि मोबाइल और टॉर्च चार्ज करने के लिए उन्हें रोजाना दूसरे गांव जाना पड़ता है। वहीं ग्रामीण सुखराम ने दर्द बयां करते हुए कहा कि उजाला न होने के कारण बच्चे रात में पढ़ाई नहीं कर पाते। जंगली इलाका होने के कारण सांप और अन्य जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा भी हर वक्त बना रहता है। इस मामले पर विद्युत विभाग के जेई वीरेंद्र सिंह उईके का कहना है कि पूर्व में तार चोरी होने के कारण समस्या आई थी, जिसके लिए नया स्टीमेट तैयार कर लिया गया है। वहीं नवागत एसडीएम अनीकेत शांडिल्य ने मामले का संज्ञान लेते हुए जल्द से जल्द बिजली व्यवस्था बहाल कराने का आश्वासन दिया है।

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