ISIS की साजिश में शामिल अफगान महिला अमेरिका से डिपोर्ट, जानें ATRC का इतिहास
अमेरिका ने इतिहास में पहली बार एलियन टेररिस्ट रिमूवल कोर्ट (ATRC) का इस्तेमाल कर ISIS साजिश में आरोपी अफगान महिला नजीरा हाजी जादा को देश से निकाल दिया है।
अमेरिका ने आतंकवादी गतिविधियों और साजिश में मदद करने के आरोप में एक 47 वर्षीय अफगान महिला को अपने देश से निष्कासित (Deport) कर दिया है। यह मामला अमेरिकी कानूनी इतिहास में बेहद खास माना जा रहा है, क्योंकि अमेरिका ने पहली बार 'एलियन टेररिस्ट रिमूवल कोर्ट' (Alien Terrorist Removal Court - ATRC) यानी विदेशी आतंकवादियों को देश से निकालने वाली विशेष अदालत का इस्तेमाल किया है।
अमेरिकी न्याय विभाग (Department of Justice) के अनुसार, आरोपी 47 वर्षीय नजीरा हाजी जादा को 25 अगस्त को अमेरिका से वापस अफगानिस्तान भेज दिया गया। टेक्सास में रहने वाली नजीरा वर्ष 2018 में अमेरिका आई थी। वॉशिंगटन में स्थित ATRC ने उसे अमेरिका से बाहर निकालने का आधिकारिक आदेश जारी किया था।
यह स्पेशल कोर्ट अमेरिकी कांग्रेस द्वारा करीब 30 साल पहले बनाई गई थी, लेकिन आज तक कभी इसका इस्तेमाल नहीं हुआ था। इस अदालत की मुख्य विशेषता यह है कि इसमें सरकार ऐसे अत्यंत गुप्त क्लासिफाइड सबूत पेश कर सकती है, जिन्हें सार्वजनिक करने से देश की राष्ट्रीय सुरक्षा को गंभीर खतरा हो सकता है।
🚫 आरोपी महिला ने स्वीकारी संलिप्तता, डिपोर्टेशन आदेश के खिलाफ अपील का अधिकार भी छोड़ा
अमेरिकी न्याय विभाग ने बताया कि कानूनी प्रक्रिया के दौरान नजीरा हाजी जादा ने स्वीकार किया कि वह एक विदेशी आतंकवादी के रूप में चिन्हित की जाने योग्य है। इसके साथ ही उसने अमेरिका से निकाले जाने के आदेश के खिलाफ उच्च न्यायालयों में अपील करने का अपना कानूनी अधिकार भी स्वेच्छा से छोड़ दिया।
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिकी अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लांश ने कहा कि यह कार्रवाई राष्ट्रीय सुरक्षा और अमेरिकी कानून व्यवस्था के लिए एक बहुत बड़ी सफलता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिकी सरकार देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले तत्वों के खिलाफ कानून में उपलब्ध हर कड़े रास्ते और अदालत का इस्तेमाल करेगी।
🎯 बेटे ने रची थी 2024 अमेरिकी चुनाव के दिन ISIS हमले की साजिश, FBI की गुप्त कार्रवाई में पकड़े गए थे हथियार
अदालती दस्तावेजों के अनुसार, नजीरा हाजी जादा का बेटा अब्दुल्ला हाजी जादा और उसका साथी नासिर अहमद तवहेदी अमेरिका में एक बड़े और भयावह आतंकवादी हमले की साजिश में शामिल थे। दोनों ने आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (ISIS) की ओर से 2024 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव वाले दिन बड़े पैमाने पर गोलीबारी और हमला करने का अपराध स्वीकार किया था।
अब्दुल्ला को जब गिरफ्तार किया गया था तब उसकी उम्र केवल 17 वर्ष थी, जिसे 2025 में 15 साल की जेल की सजा सुनाई गई, जबकि तवहेदी की सजा पर फैसला होना बाकी है। एफबीआई (FBI) के गुप्त स्टिंग ऑपरेशन के दौरान दोनों ने एक सीक्रेट एजेंट से दो AK-47 राइफलें और 500 कारतूस खरीदे थे। उनका मकसद अमेरिकी धरती पर भारी तबाही मचाना था।
अमेरिकी न्याय विभाग ने नजीरा हाजी जादा को अफगानिस्तान भेजे जाने की यह अहम जानकारी 11 सितंबर 2001 के 9/11 अल-कायदा आतंकी हमलों की 25वीं बरसी के मौके पर सार्वजनिक की।
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