Fuel Conservation in MP Courts: ईंधन बचाने के लिए एमपी न्यायपालिका ने कसी कमर; अब कार-पूलिंग और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर रहेगा जोर

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने ईंधन संरक्षण को लेकर नई एडवाइजरी जारी की। सरकारी वाहनों में पूल सिस्टम, कार-पूलिंग और वर्चुअल सुनवाई को दिया गया बढ़ावा।

Jun 25, 2026 - 09:59
0
Fuel Conservation in MP Courts: ईंधन बचाने के लिए एमपी न्यायपालिका ने कसी कमर; अब कार-पूलिंग और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर रहेगा जोर

जबलपुर। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने प्रशासनिक और न्यायिक कार्यों में संसाधनों के संरक्षण की दिशा में एक अनुकरणीय पहल की है। कार्यवाहक मुख्य न्यायमूर्ति विवेक रूसिया के आदेश पर जारी नई एडवाइजरी में जबलपुर, इंदौर, ग्वालियर पीठों सहित प्रदेश की सभी जिला अदालतों को ईंधन संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। यह पहल न केवल सरकारी खर्च कम करने का प्रयास है, बल्कि ऊर्जा सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा सामाजिक संदेश भी है।

🚗 सरकारी वाहनों में 'पूल सिस्टम' और अनुशासित उपयोग

नई व्यवस्था के तहत सरकारी वाहनों का उपयोग अब पूरी तरह आवश्यकता-आधारित और अनुशासित होगा। प्रशासनिक दक्षता को बढ़ावा देने के लिए निम्नलिखित बदलाव किए गए हैं:

  • अधिकारियों-कर्मचारियों के निवास क्षेत्रों के अनुसार रूट निर्धारित किए जाएंगे।

  • वाहनों की अधिकतम क्षमता (Full Capacity) का उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा।

  • कार-पूलिंग और टू-व्हीलर पूलिंग को अनिवार्य रूप से प्रोत्साहित किया जाएगा।

  • व्यक्तिगत वाहन सुविधा केवल प्रोटोकॉल, सुरक्षा या चिकित्सा जैसी आपात स्थितियों तक ही सीमित रहेगी।

🖥️ 'डिजिटल स्क्रीन' पर सिमटेगा सफर, वर्चुअल सुनवाई पर जोर

हाईकोर्ट ने अधिवक्ताओं से विशेष आग्रह किया है कि मामलों की पैरवी और सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की जाए। संदेश स्पष्ट है कि न्याय की पहुंच केवल सड़कों के सफर से ही नहीं, बल्कि डिजिटल माध्यमों से भी प्रभावी ढंग से सुनिश्चित की जा सकती है। इसके अलावा, प्रशासनिक बैठकों को भी अब अनिवार्य रूप से वर्चुअल मोड में ही आयोजित किया जाएगा, ताकि अनावश्यक आवागमन और ईंधन की बर्बादी को रोका जा सके।

📊 दैनिक मॉनिटरिंग और जवाबदेही

इस व्यवस्था को केवल कागजी आदेश तक सीमित न रखते हुए, हाईकोर्ट ने इसके लिए सख्त मॉनिटरिंग सिस्टम बनाया है। अब वाहनों के उपयोग और ईंधन खपत की दैनिक समीक्षा की जाएगी। यह समीक्षा सुनिश्चित करेगी कि निर्देश का पालन जमीनी स्तर पर हो रहा है या नहीं। हाईकोर्ट का यह 'हरित संदेश' यह याद दिलाता है कि राष्ट्रीय संसाधनों का संरक्षण केवल सरकार का नहीं, बल्कि प्रत्येक संस्थान और जागरूक नागरिक का सामूहिक दायित्व है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User