बालाघाट में 10 करोड़ की सिंचाई परियोजना में आगजनी; उपद्रवियों ने मैनेजर को जिंदा जलाने का किया प्रयास
बालाघाट के लामता में माइक्रो लिफ्ट सिंचाई परियोजना के कैंप में भीषण आग। उपद्रवियों ने 10 करोड़ का सामान जलाया, मैनेजर को जिंदा जलाने की कोशिश। पुलिस जांच जारी।
बालाघाट। जिले के लामता थाना क्षेत्र अंतर्गत राघोटोला में संचालित माइक्रो लिफ्ट सिंचाई परियोजना के कैंप में भीषण आग लग गई। इस घटना में वहां रखे पाइप, मशीनें, फिटिंग सामग्री और कंटेनर सहित लगभग 10 करोड़ रुपये का सामान पूरी तरह जलकर नष्ट हो गया। शुरुआती तौर पर इसे शार्ट सर्किट बताया जा रहा था, लेकिन बाद में प्रोजेक्ट मैनेजर और गार्ड द्वारा किए गए खुलासे ने मामले को एक संगीन आपराधिक घटना में बदल दिया है।
⚔️ उपद्रवियों का दुस्साहस: मैनेजर और गार्ड के साथ मारपीट
प्रोजेक्ट मैनेजर अभिषेक बिरतिया और गार्ड अतुल बघेल ने आपबीती बताते हुए कहा कि 1 जुलाई को लगभग 9-10 उपद्रवियों ने कैंप में आकर गाली-गलौच की और अवैध पैसों की मांग की। मांग पूरी न होने पर उन्होंने न केवल कर्मचारियों के साथ मारपीट की, बल्कि गार्ड के ऊपर पेट्रोल डालकर उसे जिंदा जलाने का प्रयास भी किया। इसके बाद उपद्रवियों ने डीजल-पेट्रोल छिड़ककर पूरी परियोजना की कीमती मशीनों और अन्य सामग्री को आग के हवाले कर दिया।
🚜 55 गांवों की उम्मीदों पर फिरा पानी
यह 175 करोड़ रुपये की माइक्रो लिफ्ट सिंचाई परियोजना 55 गांवों के किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए शुरू की गई थी, जो अब अंतिम चरणों में थी। इस घटना के बाद क्षेत्रीय विधायक ने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि किसानों के हितों के साथ खिलवाड़ करने वाले उपद्रवियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
⚖️ पुलिस जांच और दोषियों की तलाश
घटना की गंभीरता को देखते हुए लामता पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता उदयसिंह परते, ईई घनश्याम मड़ावी और अन्य प्रशासनिक अधिकारी मामले की निगरानी कर रहे हैं। फिलहाल पुलिस फरार उपद्रवियों की तलाश कर रही है। यह घटना न केवल सरकारी संपत्ति का भारी नुकसान है, बल्कि किसानों के सपनों पर भी बड़ा प्रहार है।
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