जर्जर भवन के कारण अस्थायी व्यवस्था बनी परेशानी का सबब; बुरहानपुर में किताबों के साथ भीग रहा भविष्य

बुरहानपुर के बोरसल गांव में बदहाल सरकारी स्कूल। एक कमरे में 5 कक्षाएं और टपकती छत के नीचे बच्चे पढ़ने को मजबूर। प्रशासन से सुधार की मांग।

Jul 07, 2026 - 18:03
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जर्जर भवन के कारण अस्थायी व्यवस्था बनी परेशानी का सबब; बुरहानपुर में किताबों के साथ भीग रहा भविष्य

बुरहानपुर। जिले के खकनार ब्लॉक अंतर्गत बोरसल गांव स्थित शासकीय नवीन माध्यमिक स्कूल में बच्चों का भविष्य संकट में है। प्राथमिक स्कूल की पुरानी इमारत जर्जर होने के बाद, प्रशासन ने प्राथमिक कक्षाओं को माध्यमिक स्कूल के एक ही कमरे में शिफ्ट करने का आदेश दिया था। यह अस्थायी व्यवस्था अब बच्चों और शिक्षकों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गई है। बारिश की पहली फुहारों के साथ ही छत से पानी टपकने लगता है, जिससे बच्चों की किताबें और कॉपियां भीग रही हैं।

👨‍🏫 संसाधनों की कमी: एक शिक्षक, एक कमरा और 52 बच्चे

स्कूल की स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि महज एक कमरे में पहली से पांचवीं कक्षा तक के 52 बच्चे एक साथ बैठने को मजबूर हैं। प्रधान पाठक सुभाष सिंह बैस के अनुसार, एक ही कमरे में तीन शिक्षकों द्वारा पांचों कक्षाओं को पढ़ाना चुनौतीपूर्ण है। जगह की कमी और टपकती छत के कारण शिक्षकों को बार-बार स्थान बदलकर पढ़ाना पड़ता है, जिससे पढ़ाई की गुणवत्ता पर गहरा असर पड़ रहा है। अभिभावकों ने मांग की है कि जल्द से जल्द इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए।

📢 प्रशासन का जवाब: जल्द होगा निराकरण

इस मामले में आदिम जाति कल्याण विभाग के सहायक आयुक्त भारत जांचपूरे ने स्वीकार किया कि समस्या उनके संज्ञान में है। उन्होंने बताया कि प्राथमिक और माध्यमिक स्कूल भवन डीपीसी (DPC) के अधीन आते हैं। उन्होंने आश्वासन दिया है कि वे इस मामले से डीपीसी को तत्काल अवगत कराएंगे और भवन की मरम्मत या नई व्यवस्था सुनिश्चित कर जल्द से जल्द समस्याओं का निराकरण करेंगे।

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