सतना के सार्थक अस्पताल में नवजात की मौत पर बवाल; परिजनों का आरोप— एक्सपायरी इंजेक्शन लगाने से गई जान

सतना के सार्थक हॉस्पिटल में इलाज के दौरान 3 दिन के नवजात की मौत हो गई। परिजनों ने एक्सपायरी इंजेक्शन लगाने और दस्तावेजों में हेरफेर का आरोप लगाया है। पुलिस जांच जारी।

Jul 14, 2026 - 17:48
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सतना के सार्थक अस्पताल में नवजात की मौत पर बवाल; परिजनों का आरोप— एक्सपायरी इंजेक्शन लगाने से गई जान

सतना। जिला मुख्यालय के सिविल लाइन थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले एक निजी अस्पताल (सार्थक हॉस्पिटल) में सोमवार रात उस वक्त भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब इलाज के दौरान एक नवजात बच्चे की अचानक मौत हो गई। बच्चे की मृत्यु के बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में घोर लापरवाही बरतने के बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित पिता का सीधा आरोप है कि अस्पताल के स्टाफ ने बच्चे को एक्सपायरी डेट (समय-सीमा समाप्त) वाले इंजेक्शन लगाए थे, जिसके कारण उसकी जान गई। हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

💉 इलाज के तीसरे दिन तोड़ा दम: सामान्य प्रसव के बाद बिगड़ी थी नवजात की तबीयत

पीड़ित पिता अनिल गुप्ता (निवासी टिकुरिया टोला) ने बताया कि उनकी पत्नी की 12 जुलाई को चित्रकूट के एक अस्पताल में सामान्य प्रसव (Normal Delivery) के माध्यम से डिलीवरी हुई थी। जन्म के बाद नवजात की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी, जिसके बाद बेहतर इलाज की उम्मीद में उसे सतना के सार्थक हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का दावा है कि अस्पताल में इलाज के तीसरे दिन बच्चे की अचानक मौत हो गई। जब उन्होंने अस्पताल के वार्ड और स्टोर को देखा, तो वहां बड़ी संख्या में एक्सपायरी दवाइयां और इंजेक्शन रखे मिले। परिजनों को पूरी आशंका है कि बच्चे की मौत एक्सपायर्ड इंजेक्शन के रिएक्शन के कारण हुई है।

📑 कागजों में भी बड़ी गड़बड़ी: 3 दिन के नवजात बेटे को पर्चे में दर्ज किया '1 माह की बच्ची'

परिजनों ने इलाज में लापरवाही के साथ-साथ अस्पताल प्रबंधन द्वारा बनाए गए दस्तावेजों को लेकर भी गंभीर प्रशासनिक गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं। मृत नवजात के पिता अनिल गुप्ता ने साक्ष्य दिखाते हुए कहा कि उनके तीन दिन के नवजात बेटे को अस्पताल के रिकॉर्ड और पर्चे में 'एक माह की बच्ची' के रूप में दर्ज किया गया है। यह लापरवाही दर्शाती है कि अस्पताल का स्टाफ मरीजों के इलाज और उनके रिकॉर्ड्स को लेकर कितना लापरवाह और असंवेदनशील है। परिजनों ने दोषी डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर सिविल लाइन थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।

⚖️ पुलिस की त्वरित कार्रवाई: सीएसपी बोले— आरोपों की होगी निष्पक्ष जांच, दोषी नहीं बचेंगे

इस पूरे गंभीर मामले पर सतना सीएसपी (CSP) देवेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि पीड़ित परिवार की ओर से एक्सपायरी दवा और गलत इंजेक्शन दिए जाने से बच्चे की मौत होने की गंभीर शिकायत प्राप्त हुई है। पुलिस ने तत्काल मामले को संज्ञान में लेते हुए मर्ग कायम कर लिया है। अस्पताल के उन चिकित्सा दस्तावेजों और दवाओं के बैच नंबर की भी जांच कराई जाएगी, जिन्हें उपयोग में लाया गया था। जांच रिपोर्ट के आधार पर अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। मध्य प्रदेश में निजी अस्पतालों में नवजातों की सुरक्षा और चिकित्सा मानकों की अनदेखी का यह कोई पहला मामला नहीं है, जिससे अब निजी स्वास्थ्य सेवाओं पर लगातार सवाल उठ रहे हैं।

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