पीएमएफएमई योजना में सब्सिडी के लिए बैंक से धोखाधड़ी, कल्पना उद्योग के मालिकों पर ईओडब्ल्यू का शिकंजा
रीवा में पंजाब नेशनल बैंक से आइसक्रीम फैक्ट्री के नाम पर ₹31.50 लाख का फर्जी लोन लेने वाले पति-पत्नी और सप्लायरों के खिलाफ EOW ने मामला दर्ज किया है। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिले में जालसाज पति-पत्नी द्वारा मिलकर अपने शातिराना अंदाज से एक प्रतिष्ठित नेशनल बैंक को लाखों रुपये की चपत लगाने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस बड़े फर्जीवाड़े की भनक लगते ही बैंक प्रबंधन की ओर से संबंधित जालसाजों के खिलाफ ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ शाखा) में धोखाधड़ी की लिखित शिकायत दर्ज कराई गई थी। इसके बाद ईओडब्ल्यू की टीम ने शिकायत प्राप्त करते हुए जब इस आपराधिक प्रकरण की गहराई से जांच शुरू की, तो कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। ईओडब्ल्यू ने मुख्य आरोपी पति-पत्नी सहित 5 सप्लायरों और अन्य लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।
📝 फर्जी प्रोजेक्ट रिपोर्ट से खेल: सप्लायरों से सांठ-गांठ कर पीएमएफएमई (PMFME) योजना की सब्सिडी हड़पने की थी साजिश
यह पूरा मामला रीवा के व्यंकट रोड स्थित पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की शाखा का है। रीवा की रहने वाली कल्पना गुप्ता और उसके पति संदीप गुप्ता के विरुद्ध धोखाधड़ी कर कूटरचित (फर्जी) दस्तावेजों के आधार पर लोन प्राप्त किए जाने के संबंध में बैंक प्रबंधन ने शिकायत दी थी। जांच में सामने आया कि कल्पना गुप्ता और उसके पति संदीप गुप्ता द्वारा 'पीएमएफएमई' (प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना) के तहत शासन से मिलने वाली मोटी सब्सिडी की राशि को अवैध रूप से प्राप्त करने के उद्देश्य से यह ताना-बाना बुना गया था। इसके लिए आरोपियों ने सबसे पहले कुछ व्यावसायिक सप्लायरों के साथ सांठ-गांठ की और फिर एक पूरी तरह से फर्जी प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार की।
🏢 लोन राशि का दुरुपयोग: उद्योग लगाने के बजाय डकार गए पैसे, बैंक ऑडिट में हुआ सनसनीखेज खुलासा
इसके बाद जालसाजों ने इस फर्जी तरीके से तैयार की गई प्रोजेक्ट रिपोर्ट को रीवा के पंजाब नेशनल बैंक में असली के तौर पर जमा कर दिया। इसी कूटरचित प्रोजेक्ट रिपोर्ट के आधार पर आरोपियों ने बैंक से आइसक्रीम फैक्ट्री का उद्योग स्थापित करने के नाम पर ₹31 लाख 50 हजार की भारी-भरकम लोन राशि स्वीकृत करा ली। बैंक से लोन डिस्पर्स होने के बाद जब ईओडब्ल्यू ने जांच की तो पाया कि जिस आइसक्रीम फैक्ट्री के नाम पर पैसे लिए गए थे, वह असल में धरातल पर है ही नहीं, बल्कि केवल कागजों में ही संचालित हो रही थी। लोन की राशि से आइसक्रीम फैक्ट्री का उद्योग स्थापित करने के बजाय दोनों पति-पत्नी ने मिलकर पूरी रकम का व्यक्तिगत दुरुपयोग कर लिया।
⚖️ सप्लायरों समेत 7 पर FIR: ईओडब्ल्यू एसपी अरविंद ठाकुर बोले— आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू
रीवा की आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ शाखा (EOW) की टीम ने शिकायत के आधार पर प्राथमिक जांच पूरी कर ली है। अपराध पूरी तरह प्रमाणित पाए जाने के बाद ईओडब्ल्यू की टीम ने 'कल्पना उद्योग' की प्रोपराइटर कल्पना गुप्ता और उसके पति संदीप गुप्ता सहित सप्लायर रमेश कुमार सिंह, संतोष कुमार वर्मा, अंकिता सिंह के अलावा संबंधित अन्य लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर इसे विस्तृत विवेचना में लिया है।
ईओडब्ल्यू एसपी अरविंद ठाकुर ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया, "केंद्र सरकार द्वारा संचालित की जा रही पीएमएफएमई योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को ₹10 लाख तक की सब्सिडी दिए जाने का कानूनी प्रावधान है। रीवा पंजाब नेशनल बैंक प्रबंधन ने हाल ही में इस धोखाधड़ी की एक शिकायत दर्ज कराई थी। मामले का भौतिक और तकनीकी सत्यापन कराने पर जानकारी मिली की रीवा की कल्पना गुप्ता और उसके पति संदीप गुप्ता ने आइसक्रीम फैक्ट्री स्थापित करने के लिए बैंक से ₹31 लाख 50 हजार का लोन लिया था। जब बैंक प्रबंधन और हमारी टीम इसकी फिजिकल जांच करने मौके पर पहुंची तो वहां कोई भी फैक्ट्री संचालित नहीं पाई गई। लोन प्राप्त करने वाले मुख्य दंपत्ति और फर्जी बिल देने वाले सप्लायरों सहित अन्य सभी सह-आरोपियों के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।"
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