पन्ना के घने जंगलों में बाघ और तेंदुए की मौत, NTCA प्रोटोकॉल के तहत पोस्टमार्टम और जांच शुरू
मध्य प्रदेश के पन्ना में रेलवे ट्रैक के पास एक तेंदुए का शव मिला है, वहीं पन्ना टाइगर रिजर्व के किशनगढ़ में 4 वर्षीय नर बाघ की मौत हो गई है। वन विभाग ने दोनों मामलों में डॉग स्क्वाड की मदद से गहन जांच शुरू कर दी है।
पन्ना। मध्य प्रदेश के पन्ना जिले से वन्यजीव प्रेमियों को परेशान करने वाली दो बड़ी खबरें सामने आई हैं. जिले के रैपुरा परिक्षेत्र के अंतर्गत घने जंगल से गुजरने वाले रेलवे ट्रैक के किनारे एक तेंदुए का शव मिलने से वन विभाग में हड़कंप मच गया है. इस घटना की जानकारी रेलवे के कर्मचारियों ने वन विभाग को दी. दूसरी ओर, पन्ना टाइगर रिजर्व (PTR) के बेहद दुर्गम इलाके में एक 4 वर्षीय नर बाघ का शव भी बरामद हुआ है. वन विभाग की अलग-अलग टीमें दोनों ही घटनाओं की विस्तृत जांच में जुट गई हैं.
रैपुरा तहसील के अंतर्गत ग्राम रतनगांव के पास से निकलने वाला रेलवे ट्रैक दमोह से होता हुआ कटनी जिले की ओर जाता है. यह पूरा इलाका दक्षिण वनमंडल के अंतर्गत रैपुरा परिक्षेत्र के घनघोर जंगल में आता है. इस क्षेत्र में तेंदुए और अन्य जंगली जानवरों का लगातार विचरण बना रहता है. शुरुआती परिस्थितियों को देखते हुए आशंका जताई जा रही है कि रेलवे ट्रैक पार करते समय किसी तेज रफ्तार ट्रेन की टक्कर लगने से तेंदुए की मौत हुई है.
तेंदुए का शव मिलने की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची. प्रारंभिक तौर पर भले ही यह मामला ट्रेन एक्सीडेंट का लग रहा है, लेकिन किसी भी प्रकार के अवैध शिकार की संभावना को खारिज करने के लिए पूरे क्षेत्र में सघन कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाया गया.
दक्षिण वनमंडल के डीएफओ अनुपम शर्मा का आधिकारिक बयान:
"दोपहर के समय रेलवे कर्मियों द्वारा अधिकारियों को सूचना दी गई थी कि रेलवे ट्रैक के बगल में एक तेंदुए का शव पड़ा हुआ है. मौके पर तत्काल डॉग स्क्वाड को बुलाकर पूरे क्षेत्र की बारीकी से सर्चिंग कराई गई है. आसपास के ग्रामीणों और रेलवे ट्रैक अनुरक्षण कर्मियों (Trackmen) से भी पूछताछ की गई है. फिलहाल कोई भी संदिग्ध गतिविधि नहीं मिली है और पहली नजर में यह ट्रेन की टक्कर का ही मामला प्रतीत होता है."
पन्ना जिले में हुई इन दोनों घटनाओं की वर्तमान स्थिति और आंकड़ों को नीचे दी गई तालिका से आसानी से समझा जा सकता है:
| मुख्य बिंदु | घटना 1: तेंदुआ (रैपुरा परिक्षेत्र) | घटना 2: नर बाघ (किशनगढ़ परिक्षेत्र) |
| वनमंडल / क्षेत्र | दक्षिण वनमंडल, रैपुरा परिक्षेत्र | पन्ना टाइगर रिजर्व, किशनगढ़ परिक्षेत्र |
| संभावित आयु | वयस्क तेंदुआ | लगभग 4 वर्ष (युवा नर बाघ) |
| घटनास्थल की स्थिति | रतनगांव के पास रेलवे ट्रैक के किनारे | अत्यंत दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र (नदी पार) |
| मौत का प्राथमिक कारण | ट्रेन की टक्कर (दुर्घटना) | प्राकृतिक मृत्यु (चोट के कोई निशान नहीं) |
| जांच की स्थिति | डॉग स्क्वाड द्वारा कॉम्बिंग पूर्ण | NTCA प्रोटोकॉल के तहत पोस्टमार्टम संपन्न |
जिले में हुई दूसरी घटना पन्ना टाइगर रिजर्व के किशनगढ़ परिक्षेत्र की है, जहां एक 4 वर्षीय नर बाघ की मौत हो गई. यह स्थान भौगोलिक रूप से अत्यंत दुर्गम और संवेदनशील है. यहाँ तक पहुँचने के लिए वन विभाग की टीम को उफनती नदी पार करनी पड़ी और पहाड़ी रास्तों पर कई किलोमीटर की लंबी ट्रैकिंग करनी पड़ी. सुरक्षा के मद्देनजर फील्ड स्टाफ और डॉग स्क्वाड के माध्यम से पूरे जंगली इलाके में सर्चिंग अभियान चलाया गया, ताकि शिकार जैसी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की पुष्टि की जा सके. हालांकि, वहां स्थिति पूरी तरह सामान्य पाई गई.
बाघ के शव का निरीक्षण करने के बाद अधिकारियों ने राहत की सांस ली है क्योंकि शरीर पर किसी भी तरह की इंसानी दखल या चोट के निशान नहीं मिले हैं.
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)