इंदौर डीएवीवी में असिस्टेंट प्रोफेसर पर गंभीर आरोप; खजराना में सुसाइड वीडियो मामले में पत्नी पर FIR
इंदौर के DAVV के स्कूल ऑफ एजुकेशन में एमएड छात्रों ने असिस्टेंट प्रोफेसर पर कक्षाएं न लेने और फेल करने का आरोप लगाकर कुलगुरु से शिकायत की है। वहीं खजराना में सुसाइड वीडियो मामले में पुलिस ने मृतक की पत्नी पर केस दर्ज किया है।
इंदौर। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (DAVV) के 'स्कूल ऑफ एजुकेशन' में पदस्थ एक असिस्टेंट प्रोफेसर पर एमएड (M.Ed.) के छात्र-छात्राओं ने गंभीर आरोप लगाए हैं. विद्यार्थियों का कहना है कि शिक्षिका द्वारा पूरे सत्र में एक भी कक्षा नहीं ली गई, जिससे पाठ्यक्रम (Syllabus) अधूरा रह गया. इसके बावजूद छात्रों पर परीक्षा देने का दबाव बनाया गया और परीक्षा न देने पर उन्हें संबंधित विषय में अनुत्तीर्ण (Fail) कर दिया गया.
वहीं एक अन्य घटना में, इंदौर के खजराना थाना क्षेत्र में एक युवक द्वारा आत्महत्या से पहले वीडियो बनाकर प्रसारित करने के मामले में पुलिस ने मृतक की पत्नी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है.
एमएड (M.Ed.) तीसरे सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं ने 'स्कूल ऑफ एजुकेशन' की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. परीनीता रत्नपारखी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. विद्यार्थियों का आरोप है कि शिक्षिका 'एजुकेशन एडमिनिस्ट्रेशन' विषय पढ़ाती हैं, लेकिन उन्होंने पूरे सत्र के दौरान इस विषय की एक भी क्लास नहीं ली.
छात्रों ने इस संबंध में विभागाध्यक्ष (HoD) डॉ. लक्ष्मण शिंदे को कई बार सूचित किया, लेकिन शिक्षिका विषय पढ़ाने के लिए तैयार नहीं हुईं. बिना सिलेबस पूरा हुए जब परीक्षा आयोजित की गई, तो विद्यार्थियों ने इसका विरोध करते हुए परीक्षा का बहिष्कार किया. आरोप है कि इसके बदले में शिक्षिका ने दुर्भावनापूर्ण तरीके से विद्यार्थियों को अनुत्तीर्ण (ATKT) कर दिया.
पीड़ित विद्यार्थियों का कहना है कि उनमें से अधिकांश छात्र यूजीसी-नेट (UGC-NET) और अन्य राष्ट्रीय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं. इस तरह के शैक्षणिक विवाद और बेवजह दी गई एटीकेटी (ATKT) के कारण उनके भविष्य और करियर पर बुरा असर पड़ रहा है.
मंगलवार को विद्यार्थियों के प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रज्वल खरे से मुलाकात कर अपनी शिकायत सौंपी और कुलगुरु डॉ. राकेश सिंघई से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की.
विभागाध्यक्ष डॉ. लक्ष्मण शिंदे का पक्ष:
मामले में विभागाध्यक्ष ने स्वीकार किया कि शिक्षिका को नियमित कक्षाएं लेने और व्यवस्था में सुधार करने के लिए पूर्व में कई बार प्रशासनिक नोटिस जारी किए जा चुके हैं.
उधर, इंदौर शहर के खजराना थाना क्षेत्र अंतर्गत हीना कॉलोनी निवासी 28 वर्षीय जिशान खान की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. जिशान ने 3 जुलाई को अपने निवास पर आत्महत्या कर ली थी.
फंदा लगाने से ठीक पहले जिशान ने एक भावुक और विस्तृत वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर किया था, जिसमें उसने अपनी पत्नी निशाद उर्फ गुड़िया (निवासी: शाहीबाग) पर मानसिक उत्पीड़न और प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए थे. घटना के बाद पुलिस ने परिजनों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए और जांच के बाद आरोपी पत्नी के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है.
दोनों मामलों से जुड़ी मुख्य जानकारियों का विवरण नीचे दी गई तालिका में देखा जा सकता है:
| विवरण / मापदंड | DAVV विश्वविद्यालय विवाद | खजराना सुसाइड केस |
| संबंधित संस्थान / क्षेत्र | स्कूल ऑफ एजुकेशन, DAVV इंदौर | हीना कॉलोनी, खजराना (इंदौर) |
| मुख्य पक्ष / आरोपी | डॉ. परीनीता रत्नपारखी (असिस्टेंट प्रोफेसर) | निशाद उर्फ गुड़िया (मृतक की पत्नी) |
| शिकायतकर्ता | एमएड (M.Ed.) तृतीय सेमेस्टर के छात्र | मृतक जिशान खान (28 वर्ष) के परिजन |
| मुख्य विषय / आरोप | क्लास न लेना, सिलेबस अधूरा छोड़ फेल करना | मानसिक प्रताड़ना और आत्महत्या के लिए उकसाना |
| प्रशासनिक स्थिति | कुलगुरु व कुलसचिव के समक्ष जांच लंबित | खजराना पुलिस द्वारा पत्नी पर FIR दर्ज |
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