68 साल पहले मरे ब्राह्मण की जाति बदलकर 3 बीघा जमीन हड़पी; बड़नगर में तहसीलदार-पटवारी और सरपंच पर गंभीर आरोप
उज्जैन के बड़नगर (ग्राम जलोदिया) में 68 साल पहले मृत व्यक्ति की जाति बदलकर और फर्जी वारिस प्रमाण पत्र बनाकर करोड़ों की 3 बीघा जमीन सरपंच के बेटे के नाम कराने का मामला सामने आया है। तहसीलदार, पटवारी व सरपंच की भूमिका पर सवाल।
उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले की बड़नगर तहसील अंतर्गत ग्राम जलोदिया में राजस्व रिकॉर्ड में भारी हेरफेर और सांठगांठ का बड़ा मामला उजागर हुआ है. आरोप है कि प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मिलीभगत से लगभग 68 वर्ष पूर्व मृत व्यक्ति की जाति बदलकर और फर्जी वारिस प्रमाण पत्र तैयार करवाकर करोड़ों रुपये कीमत की करीब 3 बीघा जमीन सरपंच के बेटे के नाम हस्तांतरित (रजिस्ट्री) कर दी गई.
मामले के अनुसार ग्राम जलोदिया स्थित सर्वे नंबर 382, रकबा 0.69 हेक्टेयर (लगभग 3 बीघा) भूमि मूल रूप से दत्तात्रय पुत्र रघुनाथ (जाति: ब्राह्मण) के नाम पर दर्ज थी.
रामदयाल पुत्र कन्हैयालाल (जाति: बलई) नामक व्यक्ति ने तहसीलदार कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत कर स्वयं को दत्तात्रय का पुत्र बताया और उनकी मृत्यु 21 अगस्त 1958 को होना दर्शाया. आरोप है कि पटवारी की रिपोर्ट और दो गवाहों के शपथ पत्र के आधार पर बिना गहन पड़ताल के 30 अप्रैल 2026 को मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के आदेश दिए गए, जिसके बाद 6 मई 2026 को मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया.
फर्जीवाड़े का यह खेल यहीं नहीं रुका, बल्कि महज एक महीने के भीतर पूरी जमीन का स्वामित्व बदल दिया गया:
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7 मई 2026: रामदयाल को दत्तात्रय का वारिस बताते हुए 'वारिस प्रमाण पत्र' जारी कर दिया गया.
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13 मई 2026: ग्राम पंचायत के पत्र और पंचनामे के आधार पर हल्के के पटवारी ने अपनी रिपोर्ट पेश की.
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20 मई 2026: फौती नामांतरण का अंतिम आदेश जारी कर दिया गया.
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जाति में फेरबदल: चौंकाने वाली बात यह है कि मूल राजस्व रिकॉर्ड में दत्तात्रय की जाति 'ब्राह्मण' दर्ज थी, लेकिन फौती नामांतरण आदेश में उनकी जाति बदलकर 'बलई' दर्ज कर दी गई.
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2 जून 2026: नामांतरण होते ही महज कुछ ही दिनों के भीतर इस कीमती जमीन की रजिस्ट्री ग्राम पंचायत सरपंच मनोहर धबाई के बेटे अजय धबाई के नाम निष्पादित कर दी गई.
प्रकरण में तिथिवार हुए घटनाक्रम और मुख्य बिंदुओं का ब्योरा नीचे दी गई तालिका में देखा जा सकता है:
| तिथि / घटनाक्रम | राजस्व प्रक्रिया व की गई कार्रवाई |
| मूल भू-स्वामी | दत्तात्रय पुत्र रघुनाथ (जाति: ब्राह्मण) - रकबा 0.69 हेक्टेयर |
| 30 अप्रैल 2026 | पटवारी रिपोर्ट पर मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने का आदेश |
| 07 मई 2026 | रामदयाल (जाति: बलई) के पक्ष में फर्जी वारिस प्रमाण पत्र जारी |
| 20 मई 2026 | फौती नामांतरण आदेश जारी (रिकॉर्ड में जाति बदलकर 'बलई' दर्ज) |
| 02 जून 2026 | जमीन की रजिस्ट्री सरपंच पुत्र अजय धबाई के नाम निष्पादित |
इस पूरे प्रकरण में सरपंच मनोहर धबाई, पंचायत सचिव गोपाल यादव, पटवारी राजेश पटेल और बड़नगर की तत्कालीन तहसीलदार रुपाली जैन की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं.
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