इंदौर से चलने वाली 26+ ट्रेनों की पेंट्री कार में बड़ा बदलाव; गैस सिलेंडर की जगह इंडक्शन कुकिंग

कमर्शियल LPG सप्लाई प्रभावित होने के बाद IRCTC ने इंदौर से चलने वाली मालवा व वंदे भारत समेत 26 से ज्यादा ट्रेनों में पेंट्रीकार व्यवस्था बदल दी है। अब गैस सिलेंडर की जगह इंडक्शन स्टोव पर भोजन तैयार किया जा रहा है।

Jul 24, 2026 - 11:10
0
इंदौर से चलने वाली 26+ ट्रेनों की पेंट्री कार में बड़ा बदलाव; गैस सिलेंडर की जगह इंडक्शन कुकिंग

इंदौर। इंदौर से संचालित होने वाली ट्रेनों की रसोई (पेंट्री कार और बेस किचन) में कमर्शियल लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) की उपलब्धता प्रभावित होने के बाद भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (IRCTC) ने भोजन पकाने की पूरी व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव किया है.

पहले पेंट्री कार और बेस किचन में पूरी तरह एलपीजी सिलेंडरों पर भोजन तैयार किया जाता था, लेकिन अब जरूरत के अनुसार इंडक्शन स्टोव के जरिए खाना तैयार किया जा रहा है. इसका सीधा असर इंदौर से चलने वाली उन सभी प्रमुख ट्रेनों पर पड़ा है जिनमें पेंट्री कार, ट्रेन किचन, बेस किचन या ट्रेन साइड वेंडिंग (TSV) की सुविधा मौजूद है.

रेलवे विशेषज्ञों के अनुसार कमर्शियल एलपीजी आपूर्ति प्रभावित होने के तुरंत बाद IRCTC ने यात्रियों की खानपान सेवाएं बाधित न हों, इसके लिए यह वैकल्पिक व्यवस्था लागू की.

कई प्रमुख रेल मार्गों पर ऑनबोर्ड कुकिंग दोबारा शुरू की गई है और ट्रेनों में इंडक्शन स्टोव उपलब्ध कराए गए हैं. रेलवे के विशेषज्ञों का मानना है कि यह केवल एक तात्कालिक या अस्थायी व्यवस्था नहीं है, बल्कि भविष्य में रेलवे कैटरिंग में बड़े बदलाव की शुरुआत भी हो सकती है. इंडक्शन आधारित कुकिंग पारंपरिक गैस सिलेंडरों की तुलना में अपेक्षाकृत अधिक सुरक्षित है और हादसों के जोखिम को कम करती है.

इंदौर स्टेशन से संचालित होने वाली 26 से भी अधिक ट्रेनों में किसी न किसी रूप में पेंट्री कार, बेस किचन या ट्रेन साइड वेंडिंग (TSV) की व्यवस्था संचालित की जा रही है.

इनमें मालवा एक्सप्रेस, क्षिप्रा एक्सप्रेस, इंदौर-नागपुर वंदे भारत एक्सप्रेस, इंदौर-हैदराबाद हमसफर, इंदौर-पुरी, इंदौर-कोचुवेली, इंदौर-गांधीधाम और इंदौर-नई दिल्ली एक्सप्रेस शामिल हैं. हालांकि, रेलवे ने स्पष्ट किया है कि ट्रेनों में ई-कैटरिंग (E-Catering) की सुविधा पहले की तरह ही बिना किसी रुकावट के उपलब्ध रहेगी.

ट्रेन कैटरिंग व्यवस्था में आए बदलावों की तुलना नीचे दी गई तालिका में देखी जा सकती है:

व्यवस्था का पहलू पुरानी पारंपरिक व्यवस्था नई आधुनिक / इंडक्शन व्यवस्था
मुख्य ईंधन / ऊर्जा कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर इलेक्ट्रिक इंडक्शन स्टोव
सुरक्षा मानक गैस रिसाव व आग का जोखिम अधिक सुरक्षित व दुर्घटना-मुक्त
भोजन निर्माण मुख्य रूप से बेस किचन निर्भरता ऑनबोर्ड व बेस किचन का संयुक्त उपयोग
ई-कैटरिंग सेवा उपलब्ध यथावत एवं निर्बाध चालू

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User