दतिया में फर्जी DIG का भंडाफोड़: वर्दी पहनकर सराफा व्यापारियों से ऐंठे 80 लाख, यूपी में खरीदी प्रॉपर्टी
दतिया में फर्जी डीआईजी बनकर सराफा व्यापारियों से 80 लाख की ठगी। आरोपी ने झांसी में खरीदी जमीन। पुलिस ने वर्दी और नेम प्लेट समेत किया गिरफ्तार।
दतिया। दतिया में पुलिस ने एक ऐसे शातिर ठग को गिरफ्तार किया है, जो फर्जी डीआईजी (DIG) बनकर लोगों को अपना शिकार बनाता था। आरोपी मनीष कुमार ने खुद को 'एंटी करप्शन एंड क्राइम कंट्रोल फोर्स' का डीआईजी बताकर दतिया के दो सराफा व्यापारियों से 80 लाख रुपये की ठगी की। इस रकम से उसने उत्तर प्रदेश के झांसी में जमीन भी खरीद ली थी। पुलिस ने आरोपी को झांसी से गिरफ्तार कर लिया है।
⚖️ फर्जी FIR का डर दिखाकर वसूले लाखों
सिविल लाइन थाना प्रभारी भास्कर शर्मा के अनुसार, सराफा कारोबारी प्रियांशु अग्रवाल और अरविंद अग्रवाल ने शिकायत दर्ज कराई थी कि मनीष कुमार ने उनकी दुकान पर आकर उन्हें गंभीर कानूनी मामलों में फंसाने की धमकी दी। उसने फर्जी एफआईआर (FIR) की कॉपी दिखाकर व्यापारियों को डराया और मामले में समझौता कराने के नाम पर अलग-अलग किस्तों में 60 लाख रुपये ले लिए। इसके अलावा, उसने अपने साथी एके गुप्ता को भी समझौता राशि के नाम पर 20 लाख रुपये दिलाए।
🎭 वर्दी और नेम प्लेट का जाल
आरोपी मनीष इतना शातिर था कि वह हमेशा काली वर्दी पहनकर घूमता था, जिस पर तीन स्टार लगे होते थे। उसके वाहन पर 'एंटी करप्शन विजलेंस फोर्स' की नेम प्लेट लगी थी, जिससे लोगों को उस पर आसानी से विश्वास हो जाता था। दतिया एएसपी सुनील शिवहरे ने बताया कि पुलिस ने आरोपी की कार, वर्दी और फर्जी पहचान पत्र जब्त कर लिए हैं।
📉 पुलिस की दबिश और खुलासे
जब सराफा व्यापारियों को मीडिया में इस गिरोह के बारे में खबरें मिलीं, तो उन्हें शक हुआ और उन्होंने तत्काल पुलिस को सबूतों के साथ जानकारी दी। सक्रिय हुई पुलिस टीम ने झांसी में आरोपी के ऑफिस पर दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि उसने ठगी के रुपयों से न केवल कार खरीदी, बल्कि झांसी में अपने नाम पर एक प्लॉट की रजिस्ट्री भी करा ली थी। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि इस गिरोह ने और किन-किन लोगों को निशाना बनाया है।
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