सड़क चौड़ीकरण में बाधक बने निर्माणों पर कार्रवाई, मूसाखेड़ी में 17 दुकानें और मकान जमींदोज

इंदौर में सड़क चौड़ीकरण के तहत नगर निगम ने मूसाखेड़ी और बाणगंगा क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई की है। बाधक बनी 17 दुकानें और कई मकानों को तोड़ा गया।

Sep 03, 2026 - 10:25
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सड़क चौड़ीकरण में बाधक बने निर्माणों पर कार्रवाई, मूसाखेड़ी में 17 दुकानें और मकान जमींदोज

मध्य प्रदेश के आर्थिक राजधानी इंदौर में शहर के विकास और यातायात को सुगम बनाने के लिए नगर निगम की तोड़फोड़ (रिमूवल) कार्रवाई लगातार जारी है। बुधवार को निगम की टीम ने शहर के दो अलग-अलग जोन क्षेत्रों में सड़क चौड़ीकरण के रास्ते में आ रहे अवैध निर्माणों और बाधक हिस्सों के खिलाफ बुलडोजर चलाया। पहली बड़ी कार्रवाई मूसाखेड़ी क्षेत्र में अंजाम दी गई, जहाँ रिमूवल टीम ने 17 दुकानों और 5 मकानों को ढहा दिया, वहीं दूसरी कार्रवाई बाणगंगा के बादल का भट्टा इलाके में की गई जहाँ सात मकानों के बाधक हिस्सों को हटाया गया। किसी भी संभावित विरोध या हंगामे से निपटने के लिए दोनों ही स्थानों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।

🛣️ मूसाखेड़ी चौराहा से सांवरिया धाम तक 45 मीटर चौड़ी सड़क का निर्माण, नोटिस के बावजूद नहीं हटाने पर हुई कार्रवाई

जोन-18 के अंतर्गत आने वाले मूसाखेड़ी चौराहा से सांवरिया धाम मंदिर तक मास्टर प्लान के तहत प्रस्तावित 45 मीटर चौड़ी सड़क का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इस मार्ग पर आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए नगर निगम ने पहले ही भवन स्वामियों और दुकानदारों को कई बार नोटिस जारी कर अपने स्तर पर अतिक्रमण हटाने की अपील की थी। इसके बावजूद जब निर्माण नहीं हटाए गए, तो बुधवार को अमला भारी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुँचा और कार्रवाई शुरू की। इस दौरान कुछ स्थानीय रहवासियों ने अलाइनमेंट को लेकर अपनी आपत्तियाँ और नाराजगी भी दर्ज कराई, जिसके चलते हल्की गहमागहमी की स्थिति बनी रही।

🏠 बाणगंगा के बादल का भट्टा में भी गरजा बुलडोजर, 150 से अधिक बाधक निर्माणों में से बचे हुए हिस्सों पर चली कार्रवाई

दूसरी मुख्य कार्रवाई बाणगंगा क्षेत्र के बादल का भट्टा इलाके में की गई, जहाँ मुख्य मार्ग के चौड़ीकरण का कार्य प्रस्तावित है। अधिकारियों के अनुसार इस पूरे मार्ग पर लगभग 150 से अधिक मकान सड़क के दायरे में आ रहे थे, जिसमें किसी का 5 फीट तो किसी का 15 फीट हिस्सा बाधक बन रहा था। नगर निगम के नोटिस के बाद अधिकांश लोगों ने स्वतः ही अपने अवैध निर्माण हटा लिए थे, लेकिन जिन लोगों ने नियमों का पालन नहीं किया, उनके खिलाफ बुधवार सुबह करीब सात बजे रिमूवल टीम ने कड़ा कदम उठाया। भवन अधिकारी आनंद रैदास और सहायक रिमूवल अधिकारी बबलू कल्याणे की मौजूदगी में सात मकानों के 8 से 12 फीट तक के हिस्सों को जेसीबी की मदद से हटा दिया गया।

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