फाइलों की सुरक्षा के लिए तहसील कार्यालय में लगे प्लास्टिक के डिब्बे, डर के साए में काम कर रहे कर्मचारी
शहडोल के जैतपुर तहसील कार्यालय में लगातार बारिश के कारण छत से पानी टपक रहा है। कर्मचारियों और सरकारी फाइलों की सुरक्षा के लिए कमरों में प्लास्टिक के डिब्बे रखे गए हैं।
मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में पिछले कुछ दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन के साथ-साथ सरकारी कार्यालयों की पोल भी खोल कर रख दी है। लगातार हो रही बरसात के चलते जिले के नदी-नाळे उफान पर हैं और कई जगहों पर जलभराव की स्थिति बन रही है। कच्चे मकानों के गिरने और पुरानी इमारतों से पानी टपकने की खबरों के बीच अब जैतपुर तहसील कार्यालय की एक बेहद हैरान और शर्मनाक तस्वीर सामने आई है। जैतपुर तहसील की पुरानी जर्जर छत ने बारिश के आगे घुटने टेक दिए हैं, जिसके चलते अब तहसील के कमरों के अंदर सरकारी फाइलों से ज्यादा पानी रोकने वाले प्लास्टिक के डिब्बे और टब नजर आ रहे हैं, जो प्रशासनिक व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं।
💧 दीवारों में बढ़ी नमी और छत से रिस रहा पानी, कागजों को भीगने से बचाने के लिए अपनाए गए अनोखे जुगाड़
जैतपुर तहसील कार्यालय की यह पुरानी और जर्जर हो चुकी बिल्डिंग मूसलाधार बारिश का दबाव नहीं झेल पा रही है। कार्यालय के कई कमरों में छत से लगातार पानी टपक रहा है, जिससे दीवारों में भयंकर नमी आ गई है। पानी के लगातार रिसने की समस्या से निपटने के लिए विभाग द्वारा कोई ठोस मरम्मत कराने के बजाय कार्यालय के भीतर ही अजीबोगरीब जुगाड़ किया गया है। छत से जिस-जिस जगह पानी टपक रहा है, उसके ठीक नीचे प्लास्टिक के बड़े-बड़े डिब्बे और टब रख दिए गए हैं, जिनमें टपकता हुआ पानी जमा हो रहा है। यानी सरकारी दफ्तर में महत्वपूर्ण फाइलों और दस्तावेजों को बचाने का इंतजाम किसी आधुनिक तकनीक से नहीं, बल्कि प्लास्टिक के डिब्बों के सहारे किया जा रहा है।
⚡ कंप्यूटर सिस्टम में दौड़ रहा करंट, डर और दहशत के साए में काम करने को मजबूर हैं तहसील के कर्मचारी
इस स्थिति का सबसे खतरनाक और चिंताजनक पहलू बिजली और कंप्यूटर सिस्टम को लेकर सामने आया है। दीवारों और वायरिंग में पानी रिसने के कारण कार्यालय में हल्का इलेक्ट्रिक करंट महसूस होने लगा है, यहाँ तक कि कंप्यूटर पर काम करते वक्त भी करंट आने की शिकायतें सामने आ रही हैं। ऐसे में कर्मचारी अपनी जान जोखिम में डालकर डर और दहशत के साए में काम करने को मजबूर हैं। इस मामले पर जैतपुर के नायब तहसीलदार आर.के. पदमाकर का कहना है कि तहसील भवन काफी पुराना हो गया है, जिसके चलते बारिश का पानी अंदर आ रहा है। उन्होंने बताया कि इस समस्या की पूरी जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दे दी गई है और फिलहाल पानी को टब में एकत्र करने की तात्कालिक व्यवस्था की गई है।
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