डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को बड़ी चेतावनी, पिकएक्स माउंटेन पर अमेरिकी हमले का मंडराया खतरा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की बेहद सुरक्षित अंडरग्राउंड साइट पिकएक्स माउंटेन पर हमला करने की धमकी दी है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव बढ़ गया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की 'पिकएक्स माउंटेन' नाम की बेहद सुरक्षित और भूमिगत (अंडरग्राउंड) साइट पर हमला करने की सीधी धमकी दी है। 4 सितंबर को दिए गए बयान में ट्रंप ने स्पष्ट किया कि यदि इस स्थान पर कोई भी संदिग्ध गतिविधि पाई जाती है, तो अमेरिकी सेना इस पर बहुत जल्द बड़ा हमला कर सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियां इस गुप्त पहाड़ी पर आने-जाने वाली हर गतिविधि पर पैनी नजर रख रही हैं। ट्रंप के अनुसार, इस सैन्य कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है, और उनका दावा है कि अमेरिका की सख्त कार्रवाई के चलते ईरान अपने इस मकसद में कामयाब नहीं हो पाएगा।
⛰️ कहां है और कैसी है पिकएक्स माउंटेन? जानिए जमीन से 100 मीटर नीचे बनी इस साइट की खासियत
ईरान में 'पिकएक्स माउंटेन' को 'कू-ए-कोलांग' के नाम से भी जाना जाता है, जो देश के सबसे बड़े यूरेनियम एनरिचमेंट सेंटर नतांज के ठीक दक्षिण में स्थित है। यह पहाड़ के भीतर बनी एक अत्यंत सुरक्षित अंडरग्राउंड साइट है, जिसमें दो गहरी सुरंगों वाले कॉम्प्लेक्स बने हुए हैं। माना जाता है कि इस साइट का मुख्य हिस्सा जमीन के करीब 100 मीटर नीचे गहराई में स्थित है। सैटेलाइट तस्वीरों और रिपोर्ट्स के अनुसार, यहाँ सुरंगों के चार प्रवेश द्वार हैं और लगातार निर्माण कार्य जारी रहने के संकेत मिले हैं। इजरायली खुफिया एजेंसी का यह भी आकलन है कि ईरान ने नतांज की पुरानी क्षतिग्रस्त इमारतों के विकल्प के रूप में इस आधुनिक सुविधा का निर्माण किया है और यहाँ हजारों सेंट्रीफ्यूज पहुंचाए गए हैं।
🛡️ पिकएक्स माउंटेन को भेदना अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए क्यों है बेहद कठिन?
इस भूमिगत साइट की सबसे बड़ी सुरक्षा इसकी अत्यधिक गहराई है, जो ईरान की अन्य परमाणु साइटों (जैसे फोर्डो और नतांज) से भी ज्यादा गहरी हो सकती है। हालांकि अमेरिका पहले भी दुनिया के सबसे ताकतवर 13,000 किलो वजनी GBU-57 बंकर बस्टर बमों का इस्तेमाल कर चुका है—जो लगभग 18 मीटर कंक्रीट या 61 मीटर मिट्टी को भेद सकते हैं—फिर भी रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस बम से पिकएक्स माउंटेन को पूरी तरह नष्ट करना बहुत मुश्किल होगा। साइट की अत्यधिक गहराई और अंदरूनी सुरंगों के सटीक नक्शे की कमी के कारण यह अमेरिकी सेना के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है, जिससे पश्चिम एशिया में सैन्य संघर्ष और गहराने की आशंका बढ़ गई है।
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