'100% इथेनॉल से चलेंगे वाहन, भ्रम फैला रहे विरोधी'- किसान संघ ने लैंड पूलिंग एक्ट पर भी दिखाई ताकत

भोपाल में भारतीय किसान संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष के. साईं रेड्डी ने इथेनॉल को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम को खारिज किया। साथ ही एमपी में 20 नई शुगर मिलें खोलने और मुरैना फैक्ट्री शुरू होने का दावा किया।

Jul 18, 2026 - 17:58
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'100% इथेनॉल से चलेंगे वाहन, भ्रम फैला रहे विरोधी'- किसान संघ ने लैंड पूलिंग एक्ट पर भी दिखाई ताकत

भोपाल। भारतीय किसान संघ ने ऑटोमोबाइल क्षेत्र और आम जनता में इथेनॉल ईंधन को लेकर फैलाए जा रहे दुष्प्रचार को पूरी तरह से खारिज किया है. भोपाल में आयोजित एक विशेष पत्रकार वार्ता (प्रेस कॉन्फ्रेंस) को संबोधित करते हुए भारतीय किसान संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष के. साईं रेड्डी ने दो टूक शब्दों में कहा, "बाजार में यह जो भ्रम फैलाया जा रहा है कि इथेनॉल मिश्रित ईंधन से वाहन खराब हो जाते हैं, वह पूरी तरह से निराधार, असत्य और भ्रामक है. इथेनॉल एक बेहद स्वच्छ और ग्रीन फ्यूल (Biofuel) है. इसके उपयोग से न केवल देश में कार्बन उत्सर्जन और प्रदूषण कम होता है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से भी सर्वोत्तम माना जा रहा है. सबसे बड़ी बात यह है कि इसके व्यापक इस्तेमाल से देश के अन्नदाता किसानों को अतिरिक्त आय का एक मजबूत स्रोत मिल रहा है, क्योंकि गन्ने, मक्के और अन्य अधिशेष कृषि उत्पादों से ही इथेनॉल का बड़े पैमाने पर उत्पादन किया जाता है."

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान साईं रेड्डी ने कड़ा रुख अपनाते हुए कुछ निहित स्वार्थी तत्वों और कथित संगठनों पर किसानों के आर्थिक हितों के खिलाफ दुष्प्रचार अभियान चलाने का सीधा आरोप लगाया.

  • राजनीतिक एजेंडा: उन्होंने कहा कि कुछ लोग और संगठन इथेनॉल को लेकर जानबूझकर तकनीकी अड़चनों का हौवा खड़ा कर रहे हैं और अनावश्यक भ्रम फैलाकर अपनी राजनीतिक रोटियां सेक रहे हैं.

  • वैश्विक स्वीकार्यता: दुनिया के कई विकसित और विकासशील देशों में इथेनॉल मिश्रित ईंधन का व्यापक और सफल उपयोग किया जा रहा है. वह दिन दूर नहीं जब भारत सहित संपूर्ण विश्व में 100 प्रतिशत इथेनॉल से चलने वाले अत्याधुनिक वाहनों (Flex-Fuel Vehicles) का इस्तेमाल तेजी से बढ़ेगा.

मध्य प्रदेश के गन्ना उत्पादक किसानों के लिए एक बड़ी और ऐतिहासिक खुशखबरी साझा करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष के. साईं रेड्डी ने दावा किया कि राज्य में चीनी उद्योग और किसानों की किस्मत बदलने वाली है.

मुख्यमंत्री मोहन यादव का आश्वासन:

अध्यक्ष ने बताया कि दशकों से बंद पड़ी मुरैना शुगर फैक्ट्री को अगले दो साल के भीतर दोबारा पूरी तरह से चालू कर दिया जाएगा. इस संबंध में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसान संघ को पुख्ता भरोसा दिलाया है कि बहुत जल्द एक उच्च स्तरीय प्रशासनिक समिति का गठन किया जाएगा, जो फैक्ट्री को पुनः क्रियाशील करने की कानूनी और तकनीकी प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाएगी.

उन्होंने आगे बताया कि सरकार की योजना केवल मुरैना तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाले समय में मध्य प्रदेश के अलग-अलग अंचलों में करीब 20 नई आधुनिक शुगर फैक्ट्रियों की स्थापना किए जाने की प्रबल संभावना है. यदि यह योजना धरातल पर उतरती है, तो गन्ना किसानों को न केवल अपनी फसल का वाजिब और बेहतर मूल्य समय पर मिलेगा, बल्कि राज्य में कृषि आधारित उद्योगों (Agro-based Industries) को अभूतपूर्व बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीण क्षेत्रों के हजारों युवाओं के लिए प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे.

परियोजना / नीतिगत विषय वर्तमान प्रशासनिक स्थिति और विसंगति अनुमानित समय-सीमा व लाभ
मुरैना शुगर फैक्ट्री पुनरुद्धार मुख्यमंत्री के आश्वासन पर जल्द बनेगी प्रशासनिक समिति आगामी 2 वर्षों के भीतर संचालन शुरू होने का लक्ष्य
नए औद्योगिक प्लांट पूरे मध्य प्रदेश में लगभग 20 नई शुगर फैक्ट्रियों की स्थापना की संभावना गन्ना किसानों को फसल का बेहतर मूल्य और स्थानीय स्तर पर रोजगार
इथेनॉल मिश्रण नीति गन्ने व कृषि उत्पादों से स्वच्छ ईंधन निर्माण को बढ़ावा प्रदूषण में कमी और किसानों की आय में सीधे अतिरिक्त वृद्धि
लैंड पूलिंग कानून किसानों के तीव्र विरोध के बाद राज्य सरकार ने लिया यू-टर्न किसान संघ के आंदोलन के सामने कानून वापस लेने को मजबूर हुई सरकार

संगठन की ताकत और नीतियों का उल्लेख करते हुए के. साईं रेड्डी ने स्पष्ट किया कि भारतीय किसान संघ हमेशा से बिना किसी राजनीतिक लाभ के केवल और केवल किसानों के हितों की रक्षा के लिए अग्रिम पंक्ति में खड़ा रहा है. उन्होंने पूर्व में हुए आंदोलन का उदाहरण देते हुए कहा:

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