नर्मदापुरम से भोपाल पहुंचे किसान, 100% मूंग खरीदी की मांग को लेकर उग्र आंदोलन की चेतावनी
नर्मदापुरम और रायसेन के किसान 100% मूंग खरीदी की मांग को लेकर भोपाल पहुंच गए हैं। भारी पुलिस बल तैनात है और किसानों ने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
नर्मदापुरम: मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम, रायसेन और आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में किसान अपनी विभिन्न मांगों को लेकर राजधानी भोपाल की ओर कूच कर चुके हैं। किसान मुख्य रूप से सरकार द्वारा मूंग की शत-प्रतिशत (100%) खरीदी किए जाने की मांग को लेकर सड़कों पर पैदल मार्च करते हुए आगे बढ़ रहे हैं। किसानों के इस विरोध प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने जगह-जगह भारी संख्या में पुलिस बल और बैरिकेड्स तैनात किए हैं, हालांकि तमाम सुरक्षा घेरे और रुकावटों को पार करते हुए किसान अब्दुल्लागंज क्रॉस टोल को क्रॉस करते हुए आगे निकल आए हैं।
⚠️ किसानों ने दी चेतावनी, मांगें पूरी न होने पर होगा उग्र आंदोलन
राजधानी भोपाल की सीमा के पास पहुंचे मध्य प्रदेश के इन किसानों का साफ कहना है कि वे सरकार से कोई अनुचित या गलत मांग नहीं कर रहे हैं। किसानों का तर्क है कि उन्होंने जो फसल अपने खून-पसीने से पैदा की है, सरकार को उसकी शत-प्रतिशत खरीद करनी चाहिए।
वर्तमान में सरकार द्वारा कुल उपज की केवल 25 फीसदी मूंग ही खरीदी जा रही है, जिससे किसानों में भारी रोष है। किसानों का कहना है कि इससे पहले उनके गेहूं भी पूरी तरह नहीं खरीदे गए थे, और हमेशा अन्नदाता को ही लाइनों में क्यों खड़ा होना पड़ता है? किसानों ने सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि समय रहते उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे आने वाले दिनों में और अधिक उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
🛡️ पुलिस और प्रशासन की तैयारियां, एएसपी ने दी जानकारी
किसानों के इस बड़े प्रदर्शन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर रायसेन के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) दीपक नायक ने जानकारी देते हुए बताया कि, ''हमने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगभग 200 से 250 का पुलिस बल तैनात किया है और रास्ते में 3 से 4 प्रमुख जगहों पर सुरक्षा प्वाइंट लगाए गए हैं।''
किसानों की भारी संख्या को देखते हुए यातायात और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेड्स हटाए गए हैं। पुलिस लगातार किसानों से बातचीत कर रही है और उनसे अपील की जा रही है कि वे अपना ज्ञापन सौंप दें, ताकि प्रशासन उनकी बात को उच्च स्तर तक पहुंचा सके।
🚜 नर्मदापुरम के सेठानी घाट से शुरू हुआ था किसानों का मार्च
मध्य प्रदेश में किसानों ने मूंग खरीदी के मुद्दे को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। राज्य में इस बार मूंग का बंपर उत्पादन हुआ है, जिसके बाद से ही किसान सरकार से 100% फसल खरीदने की लगातार मांग कर रहे हैं।
इस आंदोलन की शुरुआत करते हुए सोमवार को नर्मदापुरम के ऐतिहासिक सेठानी घाट पर भारी संख्या में किसान इकट्ठा हुए थे। हालांकि, भोपाल जाने से पहले प्रशासन ने उन्हें वहीं रोकने का प्रयास किया था, जिस पर किसानों ने सेठानी घाट पर ही जमकर नारेबाजी और प्रदर्शन शुरू कर दिया था। इसके बाद शाम होते ही किसानों ने पुलिस बैरिकेड्स को हटाते हुए आखिरकार भोपाल की तरफ अपना सफर शुरू कर दिया।
✉️ पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सीएम मोहन यादव को लिखा पत्र
इस पूरे किसान आंदोलन और राज्य में मूंग खरीदी के हालातों को लेकर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को एक पत्र लिखा है। पत्र के माध्यम से उन्होंने राज्य में मूंग खरीदी की बेहद धीमी रफ्तार पर गहरी चिंता व्यक्त की है।
कमलनाथ ने 4.54 लाख मीट्रिक टन के खरीद कोटे का उल्लेख करते हुए दावा किया है कि 16 जुलाई तक राज्य में लक्ष्य का मात्र 2% ही मूंग खरीदा जा सका है, जिसके कारण किसानों को अपनी फसल औने-पौने दामों पर बाजार में बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी हवाला दिया कि प्रदेश को देश की कुल मूंग खरीद का 87% कोटा मिला है, इसलिए सरकार को तुरंत बड़े पैमाने पर मूंग खरीदी का कार्य शुरू करना चाहिए।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)