खजुराहो एयरपोर्ट को मिला देश में पहला स्थान, भोपाल का राजा भोज हवाई अड्डा तीसरे नंबर पर रहा
खजुराहो एयरपोर्ट को AAI के सर्वे में देश में पहला स्थान मिला है, लेकिन वर्तमान में एक भी कमर्शियल फ्लाइट न होने के कारण स्थानीय लोगों ने सवाल उठाए हैं।
छतरपुर : मध्य प्रदेश के विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल खजुराहो का नाम एक बार फिर देश के सर्वश्रेष्ठ एयरपोर्ट्स की सूची में सबसे ऊपर शुमार हो गया है। हालांकि, इस बड़ी उपलब्धि के सामने आने के बाद अब स्थानीय नागरिकों और जानकारों ने कई गंभीर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस एयरपोर्ट से वर्तमान में एक भी कमर्शियल उड़ान का संचालन नहीं हो रहा है, वह आखिर देश का नंबर वन एयरपोर्ट कैसे बन सकता है? मौजूदा समय में स्थिति यह है कि जुलाई और अगस्त के इन महीनों के दौरान खजुराहो एयरपोर्ट से एक भी नियमित फ्लाइट नहीं उड़ रही है, जिसके चलते इस ताजा एयरपोर्ट सर्वे की प्रामाणिकता पर भी सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं।
🏆 AAI के ताजा सर्वे में खजुराहो को मिला नंबर वन का ताज
मंदिरों की ऐतिहासिक नगरी और चंदेलकालीन धरोहरों से सजे विश्व प्रसिद्ध पर्यटन केंद्र खजुराहो को एक बार फिर देश के बेस्ट एयरपोर्ट का प्रतिष्ठित तमगा मिला है। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) द्वारा वर्ष 2026 के लिए जारी राष्ट्रीय सेवा और ग्राहक संतुष्टि सूचकांक (कस्टमर सेटिस्फैक्शन इंडेक्स) सर्वेक्षण के दौरान छतरपुर जिले के खजुराहो एयरपोर्ट को पूरे देश भर में पहला स्थान प्राप्त हुआ है, जबकि इसके मुकाबले राजधानी भोपाल स्थित 'राजा भोज हवाई अड्डा' तीसरे पायदान पर रहा है।
आपको बता दें कि यह कोई पहली बार नहीं है, इससे पहले भी खजुराहो एयरपोर्ट यह बड़ी सफलता हासिल कर चुका है; दिसंबर 2025 में जारी हुई सूची में भी खजुराहो एयरपोर्ट पहले नंबर पर काबिज रहा था। इस संबंध में खजुराहो हवाई अड्डे के निदेशक (डायलरेक्टर) संतोष सिंह बताते हैं, ''खजुराहो का एक बार फिर नंबर वन बनना पूरे स्टाफ की कड़ी मेहनत और यात्रियों के अटूट विश्वास का प्रत्यक्ष फल है। यात्री सुविधाओं, एयरपोर्ट की साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था और दी जाने वाली सेवाओं की उच्च गुणवत्ता के आधार पर ही खजुराहो को यह शीर्ष स्थान मिला है।''
✈️ दिल्ली और वाराणसी की उड़ानें भी वर्तमान में बंद
हकीकत यह है कि मौजूदा समय में खजुराहो एयरपोर्ट से एक सिंगल फ्लाइट का भी संचालन नहीं हो रहा है। इससे पहले यहां से देश की राजधानी दिल्ली और धार्मिक नगरी वाराणसी के लिए सीधी उड़ानें (फ्लाइट्स) संचालित होती थीं, जिन्हें बाद में किन्हीं कारणों से बंद कर दिया गया।
अब संभावना जताई जा रही है कि आगामी अक्टूबर के आसपास शायद यहां से दोबारा उड़ानों की शुरुआत हो सकेगी। ऐसे में, जब एयरपोर्ट से लंबे समय से कोई रेगुलर फ्लाइट्स ही संचालित नहीं हो रही हैं, तब इसे देश में 'नंबर वन' का तमगा मिलना आम जनता और पर्यटकों के लिए काफी हैरानी का विषय बना हुआ है।
💬 'खुशी की बात है, लेकिन यात्रा के लिए फ्लाइट्स भी होनी चाहिए'
खजुराहो के स्थानीय निवासी और एक स्थानीय होटल संचालक राजीव शुक्ला इस पूरे मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहते हैं, ''यह बेहद गर्व और खुशी की बात है कि इससे पहले वर्ष 2025 में भी खजुराहो एयरपोर्ट नंबर वन बना था और इस बार फिर से यह मुकाम हासिल कर लिया है, लेकिन इसके साथ ही एक बड़ी विडंबना यह भी है कि आज हमारे पास देश-दुनिया से आने-जाने के लिए एक भी फ्लाइट उपलब्ध नहीं है।''
उन्होंने आगे कहा कि पिछले महीने भी यहां से कोई विमान नहीं उड़ा था। यह स्थिति हम सभी के लिए, और विशेष तौर पर हमारे स्थानीय अधिकारियों तथा जनप्रतिनिधियों के लिए एक गंभीर रूप से सोचने का विषय है।
🗣️ क्या बोले एयरपोर्ट के निदेशक?
जब इस पूरे विवाद और असमंजस के संबंध में खजुराहो हवाई अड्डे के निदेशक संतोष सिंह से बातचीत की गई, तो उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा, ''यह हम सभी के लिए बेहद खुशी का विषय है कि खजुराहो एक बार फिर देश में नंबर वन स्थान पर आया है।''
उन्होंने आगे बताया कि वर्तमान समय में एयरपोर्ट परिसर और रनवे पर कुछ जरूरी निर्माण कार्य व विकास कार्य चल रहे हैं, इसी तकनीकी कारण के चलते अगले दो महीनों तक यहां कोई भी कमर्शियल फ्लाइट नहीं आ सकेगी।
डायलरेक्टर ने स्पष्ट किया कि जिस सर्वे के आधार पर यह नंबर वन रेटिंग प्रदान की गई है, वह सर्वे उस समय किया गया था जब यहां नियमित रूप से उड़ानें चालू थीं। यानी यह सर्वे पुराना है और इसका परिणाम अब सामने आया है। एयरपोर्ट मैनेजमेंट का मुख्य उद्देश्य हमेशा से यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराना रहा है और भविष्य में भी सेवाओं की गुणवत्ता को लगातार और बेहतर बनाया जाएगा।
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